हाथरस। तालाब चौराहे पर बनने वाले आरओबी में फिर से पेच फंसता हुआ नजर आ रहा है। इस बार रोड़ा बनेगा रेलवे। रेलवे ने निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति पर आगामी सत्र में विचार करने का भरोसा दिलाया है। जबकि निर्माण कार्य के लिए राज्य सरकार 50 लाख का बजट स्वीकृत कर चुकी है। जो मार्च 2016 में वापस हो जाएगा। शहर में तालाब चौराहे पर जाम की समस्या शहरवासियों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है। इस समस्या से निजात पाने के लिए शहर की जनता लगातार मांग कर रही है। जनता की इस दुखती रग पर हाथ रखकर कई चुनावों में राजनेताओं ने वोट भी हांसिल किए हैं। लेकिन अभी तक कोई राजनेता शहर की इस समस्या के समाधान के लिए प्रयास नहीं कर पाया है। एक वर्ष पूर्व एनएच ने शहर के बाईपास पर हतीसा के निकट ओवर ब्रिज निर्माण कर कुछ राहत जरूर दी है। लेकिन इसके बावजूद भी इस समस्या का कोई स्थाई हल नहीं निकला है।लेकिन पिछले दो सालों में जिलाधिकारी जरूर इस समस्या से जनता को निजात दिलाने के प्रयास कर रहे हैं। पूर्व में तत्कालीन जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने चौराहे के बीच में बाधा बनी प्याऊ को हटवाकर तालाब चौराहे के चारों ओर रोड पर 100-100 मीटर के इलाके में इंटर लॉकिंग फुटपाथ भी बनवाया था। चौराहे पर सिंग्नल की व्यवस्था भी शुचारू करने के प्रयास किए। इसके बाद लगातार जिलाधिकारी शमीम अहमद ने अपने प्रयासों से प्रदेश सरकार से यहां ओवर ब्रिज निर्माण को स्वीकृति दिलाई है। लेकिन अब इस कार्य में रेलवे का पेच फंसता हुआ दिखाई दे रहा है। क्योंकि इस सत्र में रेलवे से ओवर ब्रिज निर्माण की स्वीकृति संभव नहीं हैं। अगले सत्र में रेलवे अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बिना पहल के इसे कितना महत्व देंगे यह अभी भविष्य के गर्त में छिपा है।------