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विवाह स्थल: वसूलते हैं लाखों, दिखाते हैं सिर्फ 20 से 30 हजार, बड़े विवाह स्थलों के संचालकों को नोटिस

Thu, 29 May 2025 01:27 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

विवाह स्थल के नाम पर कर चोरी का बड़ा खेल चल रहा है। लेते हैं लाखों और रिकोर्ड में दिखाते हैं केवल 20 से 30 हजार। इस तरह जिले के विवाह स्थल संचालकों द्वारा खुलेआम सरकार को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है।
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शहर के एक फार्म हाउस मे तैयार की गई शानदार गैलरी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हाथरस जिले में करीब 40 ऐसे विवाह स्थल ऐसे हैं, जहां एक विवाह उत्सव के लिए दो से पांच लाख रुपये तक वसूले जाते हैं, लेकिन दस्तावेजों में मात्र 20 से 30 हजार रुपये ही दर्शाए जा रहे हैं। राज्य वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग द्वारा बड़े विवाह स्थलों के संचालकों को नोटिस दिए जाने के बाद यह स्थिति सामने आई है।

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जिले में शादी-विवाह के आयोजनों के लिए गेस्ट हाउस, फार्म हाउस और मैरिज होम बड़ी संख्या में हैं। राज्य जीएसटी विभाग कराए गए सर्वे में करीब 150 विवाह स्थल चिह्नित किए गए हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि सभी विवाह स्थल गैर पंजीकृत हैं। जीएसटी अधिकारियों ने इनमें से दो बड़े फार्म हाउस संचालकों को नोटिस जारी किए।

उनके जवाब से पता चला कि इन फार्म हाउस में विवाह की बुकिंग के लिए मात्र 20 से 30 हजार रुपये ही लिए जाते हैं। दोनों बड़े फार्म हाउस संचालकों ने दर्शाया है कि वह जीएसटी के दायरे में ही नहीं आते। फार्म हाउस संचालकों ने बाकायदा अपनी आयकर विवरणियां भी जवाब के संलग्न की हैं। इनसे साबित होता है कि उनकी आय 20 लाख रुपये से कम है। इस तरह जिले के विवाह स्थल संचालकों द्वारा खुलेआम सरकार को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है।

हमने जिले में संचालित हो रहे विवाह स्थलों की गिनती कराई थी। शहर के दो बड़े फार्म हाउस संचालकों को पत्र भेजकर पंजीयन कराए जाने के लिए जानकारी मांगी थी। उनके जवाब में सामने आया कि उनके द्वारा 20-30 हजार रुपये ही एक शादी के लिए लिए जाते हैं। उनका टर्नओवर महज 10-12 लाख रुपये सालाना है।-आरके सिंह, उपायुक्त स्टेट जीएसटी, हाथरस।

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हले महंगी शादियों को लेकर कार्रवाई हुई है। फार्म हाउस, वेंक्वेट हॉल व अन्य विवाह स्थलों के संचालकों द्वारा इस तरह से राजस्व की चोरी किए जाने की शिकायत मिलती है या फिर जीएसटी विभाग हमें ब्योरा मुहैया कराता है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।-रंजन सैनी, आयकर निरीक्षक, आयकर अन्वेषण, आगरा।

नकद लेनदेन का चल रहा पूरा खेल

जिले के सभी फार्म हाउस और गेस्ट हाउस में पूरा लेनदेन नकद में किया जाता है। विशेष परिस्थितियों मेें अगर यूपीआई का प्रयोग करना पड़े तो उसके लिए भी कर्मचारियों के यूपीआई खाते में भुगतान लिया जाता है, जिससे आसानी से जीएसटी की चोरी हो जाती है।

पैकेज के नाम पर होता है खेल
कई विवाह स्थलों के संचालक टेंट व लाइट संचालकों को आगे करके कर चोरी का खेल खेल रहे हैं। आम तौर पर लेनदेन टेंट व लाइट के नाम पर किया जाता है। मालिक अपने भवन के किराये का लाइट व टेंट सहित पैकेज बताते हैं। इसे अलग-अलग इसलिए नहीं बताया जाता, ताकि कर बचाने में असुविधा न हो।
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शिकायतें न मिलने के कारण नहीं हो रही कार्रवाई

विवाह स्थलों में लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी बुकिंग कराने वाले संचालकों से बिल की मांग नहीं करते और न ही संचालकों द्वारा कोई लिखित दस्तावेज दिया जाता है। बुकिंग कराने वालों की तरफ से इसकी शिकायत न किए जाने के कारण राज्य कर विभाग ऐसे मामलों में कोई कार्रवाई नहीं कर पाता।

यह भी जानें
-150 के करीब मैरिज होम और फार्म हाउस का हो रहा संचालन।
-04 हजार के करीब हर साल होती हैं जिले में शादियां।
-600 से अधिक शादियों में गेस्ट हाउस पर होता एक लाख से अधिक खर्च।
-100 से अधिक होती हैं आलीशान शादियां, खर्च पहुंचता है 20 लाख से ऊपर।
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