खैर मंडी समिति के व्यापारियों ने 29 सितंबर को बैठक बुलाकर मंडी में ज्यादा मात्रा में धान पहुंचने की घोषणा की। कहा कि माल लोड नहीं हो पा रहा है। मंडी में स्थान की कमी हो गई है, इसे देखते हुए 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को मंडी में अवकाश की घोषणा की। व्यापारियों ने कहा कि इन दो दिनों में मंडी में आ चुके धान की तौल और लोडिंग काम हो जाएगा। इसके बाद बुधवार की रात तीन बजे से मंडी में फिर से धान की आमद शुरू कराई जाएगी।
एक दिन खुलेगी, एक दिन बंद रहेगी खैर मंडी
29 सितंबर की शाम एसडीएम, मंडी सचिव और सीओ ने मंडी समिति परिसर के सभागार में व्यापारियों के साथ बैठक की। इसमें निर्णय लिया गया कि मंडी समिति एक दिन खुलेगी और दूसरे दिन बंद रहेगी ताकि धान की लोडिंग की जा सके। कहा कि मंडी परिसर की क्षमता मात्र 800 ट्रैक्टर की है। अधिक ट्रैक्टर आने पर जाम की स्थिति बन जाती है वहीं ट्रैक्टर आने के समय में भी परिवर्तन किया गया। अब रात 12 बजे से दिन के 12 बजे तक ट्रैक्टर गेट नंबर एक अंदर प्रवेश कर सकेंगे और माल खाली करने के बाद गेट नंबर दो से बाहर निकलेंगे।
टोकन लेना होगा, तभी मिलेगा मंडी में प्रवेश
जाम की समस्या को देखते हुए 20 पुलिस कर्मियों की यातायात संभालने में ड्यूटी लगाई थी। किसानों ने नियम पालन नहीं किया और ट्रैक्टरों की वजह से जाम लग गया। अब मंडी सचिव कार्यालय से एक दिन पहले आने वाले ट्रैक्टरों को टोकन लेना होगा जिसकी सुविधा बुधवार से जारी की जा रही है। एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है। जिस ट्रैक्टर के पास टोकन नहीं होगा उसे मंडी के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। जिस दिन मंडी खुलेगी उस दिन खेरेश्वर मंदिर एवं गौमत चौराहे से बाहरी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह रोक दिया जाएगा। यह व्यवस्था लगभग एक माह तक चलेगी। किसानों भी इसमें सहयोग अपेक्षित है। - वरुण कुमार सिंह, सीओ-खैर।