सादाबाद क्षेत्र में मांट नहर से जुड़ा सादाबाद-बेदई रजबहे का करीब आठ किमी का टुकड़ा आज तक पानी के लिए तरस रहा है। इस रजबहे से जुड़े गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। हालांकि सिंचाई विभाग की ओर से इस रजबहे की मरम्मत व सफाई के लिए शासन को चार करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन अभी इस प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिल सकी है। इस कारण इस रजबहे से जुड़े आधा दर्जन गांवों के सैकड़ों किसान सिंचाई के लिए अन्य साधनों का सहारा लेते हैं।
मांट नहर के जुडे सादाबाद-वेदई रजबहे की लंबाई 46 किलोमीटर है। इससे कई गांवों के किसान फसल की सिंचाई के लिए पानी लेते हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का दावा है कि खरीफ की फसल में नहर से पानी छोड़ने के बाद इस रजबहे में करीब 38 किलोमीटर तक पानी पहुंच गया है। यह माइनर वेदई टेल तक लास्ट है। पिछले वर्ष में 35 किलोमीटर मीरपुर तक पानी पहुंचता था। अभी भी मीरपुर तक ही सही तरीके से पानी पहुंच पाता है। भले ही सिंचाई विभाग के अधिकारी मीरपुर से आगे तक पानी पहुंचने के दावे भर रहे हों, लेकिन यह पानी अभी भी मीरपुर तक ही सही तरीके पानी पहुंच पा रहा है।
इस कारण रजबहे के आठ किलोमीटर टुकडे़ के किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है। किसानों को पानी न मिल पाने के कारण सिंचाई करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अब सिंचाई विभाग की ओर से इस रजबहे के आठ किमी के टुकड़े की सफाई व मरम्मत के लिए चार करोड़ रुपये का शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
इन गांवों के किसान हैं प्रभावित
एदलपुर, मडनई, मंस्या, पुसैनी, नगला मांधाता और वेदई।
नलकूप और बिजली से पानी खेत में भरना पड़ता है। इंदलपुर तक रजबहे में पानी नहीं आता है। रजबहे में पानी न आने के कारण फसलों की सिंचाई नहीं कर पाते। कई बार शिकायत की गई है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
-देशराज, किसान
गांव के समीप बहुत पुराना माइनर है। पहले भी पानी रुक-रुककर आता था। अब इसमें काफी दिनों से पानी नहीं आ रहा है। यदि लोगों को पानी मिल जाए तो खेतों में अभी भी फसल की सिंचाई जा सकती है।
-अक्षय कुमार, किसान
भीषण गर्मी में भी रजबहा में पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे चरी और बाजरा की फसलें सूख रही हैं। रजबहे में यदि कभी पानी भी आता है तो उसे पहले ही अन्य गांवों पर रोक लिया जाता है।
-ठाकुर विक्रम सिंह, किसान
विधायक धरने पर बैठे थे, उस समय पानी जरूर आया था। उसके बाद अभी तक पानी नहीं आया है। बारिश के समय बारिश का पानी आ जाता है। लोग सिंचाई के लिए नलकूप पर निर्भर हैं।
-मेंबर सिंह, किसान
सादाबाद-वेदई रजबहे के कुछ किमी के टुकड़े की मरम्मत का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इस हिस्से में पानी नहीं पहुंच पाता है। इसकी सफाई भी कराई जाएगी। करीब चार करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है।
-बलजीत सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग