सुप्रीम फैसले से पहले पुलिस ने किया अपना होमवर्क पूरा
जिले में सुरक्षा व्यवस्था की और दुरुस्त, दंगा नियंत्रण प्लान का पूरा किया रिहर्सल
जोनल व सेक्टरों में जिले को बांटकर संवेदनशील स्थलों की निगरानी, खुफिया तंत्र बेहद सक्रिय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। राम मंदिर-बाबरी मस्जिद के लंबित मामले में सुप्रीम कोर्ट कभी भी फैसला सुना सकता है। अधिकारी इससे अवगत हैं और अपनी तरफ से पूरी तैयारी कर रहे हैं। प्रशासन ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है। खुफिया तंत्र को बेहद सक्रिय कर दिया गया है। सबसे ज्यादा निगाह मिश्रित आबादी वाले इलाकों पर रखी जा रही है। कमिश्नर व डीआईजी ने यहां आकर शुक्रवार को बैठक ली तो डीएम, एसपी ने भी सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों का हाल जाना। एसपी ने कोतवाली सदर का भी निरीक्षण किया और पूरी तैयारियों के बारे में जानकारी हासिल की।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले पुलिस प्रशासन ने जिले भर में अपना होमवर्क पूरा कर लिया है। सबसे ज्यादा फोकस शहर, कस्बों व देहात के संवेदनशील इलाकों पर है। इन्हें चिन्हित कर लिया गया है। पुलिस प्रशासन की नजर उन लोगों पर है जो शांति व्यवस्था में पलीता लगा सकते हैं या फिर माहौल खराब कर सकते हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित कर लिया गया है।
थानों से लेकर तहसील और जिला स्तर तक पूरी सुरक्षा व्यवस्था बेहद पुख्ता की गई है। खुफिया तंत्र को अलर्ट कर दिया गया है। प्रशासन किसी भी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहता। ऐसे में रोजाना शहर, कस्बों में पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है। संदिग्धों की तलाश की जा रही है। पूर्व में जो लोग इस तरह की गतिविधियों में लिप्त पाए गए हैं। उनकी सख्त निगरानी की जा रही है।
लोगों की भी लगी है फैसले पर टकटकी
हाथरस। लोगों की टकटकी इस सुप्रीम फैसले पर लगी है। पूरे दिन बाजार में यही चर्चा होती रही कि आखिर क्या फैसला आएगा। उसके बाद क्या स्थिति होगी।
पूरे जिले में दंगा नियंत्रण योजना का रिहर्सल करा दिया गया है। हर स्थिति से निपटने के लिए पुलिस तैयार है। जिले को जोनल व सेक्टर में बांटकर पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी तय कर दी गई है। पाइंट चि न्हित कर लिए गए हैं। कंट्रोल रूम से पीए सिस्टम को क्रियाशील कर दिया गया है। फैसले के बाद किसी भी प्रकार का जुलूस आदि नहीं निकलने दिया जाएगा। जो भी जुलूस निकालेगा, डीजे बजाएगा या आतिशबाजी चलाने जैसी गतिविधि करेगा, उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा। सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखी जा रही है। इसके लिए अलग से सैल गठित कर दिया गया है। शांति व्यवस्था में पलीता लगाने वालों से पुलिस बेहद सख्ती से पेश आएगी।
-सिद्धार्थ शंकर मीणा