लगातार सिकुड़ रहे मेला परिसर में महिला बाजार के लिए इस बार जगह कम पड़ रही है। इस बाजार में पहले 50 से अधिक दुकानें लगाई जाती थीं, लेकिन जगह की कमी से इस बार एक दर्जन दुकानें भी बमुश्किल लग पाएंगी। दुकानदारों की मांग को देखते हुए प्रशासन महिला बाजार को मेला परिसर में ही दूसरी जगह लगवाने की तैयारी कर रहा है।
इसके लिए जगह चिन्हित कर ली गई है। वहां झाड़ियों की सफाई कराई जा रही है। मेले में आने वाले दुकानदारों की पहली पसंद महिला बाजार होता है। इस बाजार में तहबाजारी शुल्क की दर भी ज्यादा रहती है। इस बाजार में रोजमर्रा की जरूरत के सामान की ज्यादातर दुकानें लगती हैं। यह दुकानदार मेला समापन के बाद भी यहां जमे रहते हैं, लेकिन इस साल महिला बाजार में दुकानें लगाने के लिए जगह कम पड़ रही है। जगह न मिलने के कारण यहां दुकानों की चौड़ाई भी कम कर दी गई है और तहबाजारी शुल्क की दर भी बढ़ा दी गई है। इस साल इस बाजार में 4500 रुपये प्रति फुट की दर से जगह दी जा रही है, जबकि पहले इसके दाम 3800 रुपये प्रति फुट थे। दुकानदारों की मांग को देखते हुए अब काली टंकी के निकट झाड़ियां साफ कर यहां महिला बाजार के जगह निकाली जा रही है।
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बातचीत,,,,,,,
इस साल हमें अधिक जगह चाहिए थी, लेकिन ठेकेदार ने कम जगह दी है, क्योंकि महिला बाजार में अब अधिक जगह बची नहीं है।
-कैलाशी, दुकानदार निवासी तोछीगढ़
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हम हर साल यहां बड़ी दुकान लगाते थे, लेकिन इस साल दुकान छोटी करनी पड़ी है। इस साल दामों में भी काफी इजाफा हुआ है।
-नानकचंद्र, दुकानदार निवासी सोखना।