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Hathras News: शिक्षक हैं नहीं, जुगाड़ से चल रही गणित-विज्ञान की पढ़ाई

Sun, 01 Dec 2024 01:53 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

हालात यह हैं कि गणित व विज्ञान के शिक्षक न होने पर अन्य विषय के शिक्षक ही विद्यार्थियों को इन विषयों की पढ़ाई करा रहे हैं। कई जगह दो शिक्षकों के सापेक्ष एक की ही तैनाती है, जिससे एक ही शिक्षक को ही पढ़ाई-लिखाई का पूरा भार सहन करना होता है।
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राजकीय कन्या इंटर कॉलेज हाथरस - फोटो : संवाद
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विस्तार
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माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से हाथरस जिले में कुल 23 राजकीय विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है, लेकिन इन विद्यालयों में सृजित पदों के सापेक्ष शिक्षकों की संख्या काफी कम है। विशेष तौर पर गणित व विज्ञान के शिक्षकों की कमी है। इस कारण इन विषयों की पढ़ाई बाधित हो रही है।

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शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में माध्यमिक शिक्षा के हाईस्कूल तक के कुल 18 और इंटरमीडिएट तक के पांच राजकीय विद्यालयों का संचालन हो रहा है। इन विद्यालयों में कुल 196 शिक्षकों के स्वीकृत हैं, लेकिन यहां सिर्फ 107 शिक्षक ही तैनात हैं। पिछले कुछ सालों में कई शिक्षकों की तैनाती के बाद भी विज्ञान, गणित के साथ शारीरिक शिक्षा के शिक्षकों की कमी दूर नहीं की गई है।

हालात यह हैं कि गणित व विज्ञान के शिक्षक न होने पर अन्य विषय के शिक्षक ही विद्यार्थियों को इन विषयों की पढ़ाई करा रहे हैं। कई जगह दो शिक्षकों के सापेक्ष एक की ही तैनाती है, जिससे एक ही शिक्षक को ही पढ़ाई-लिखाई का पूरा भार सहन करना होता है।

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कई विद्यालयों में लिपिकों का काम करते हैं शिक्षक

राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में लिपिकों की भी कमी है। इन स्कूलों में कुल 28 पदों के सापेक्ष मात्र नौ ही लिपिक तैनात हैं। नियमानुसार हर एक हाईस्कूल में एक-एक लिपिक व इंटर काॅलेज में दो-दो लिपिकों की तैनाती होनी चाहिए। हालात यह हैं कि 18 हाईस्कूल में से मात्र एक स्कूल में एक लिपिक की तैनाती है। बाकी आठ लिपिक इंटर कॉलेजों में तैनात हैं। ऐसे में बिना लिपिक वाले विद्यालयों में शिक्षको को ही लिपिक का कार्य भी करना होता है। इसका असर शिक्षण कार्य पर पड़ता है।

हमारे स्कूल में एक ही शिक्षक हमें कई विषय पढ़ाते हैं। हमें नहीं मालूम कि कौन सा शिक्षक किस विषय का है, लेकिन उनके द्वारा हमारे सभी विषयों का कोर्स पूरा कराया जा रहा है। बाकी पढ़ाई में हम निजी शिक्षक का सहयोग लेते हैं।-लक्ष्मीकांत, कक्षा-10, राजकीय विद्यालय रसगवां, सहपऊ।
काॅलेज में एक ही शिक्षक कई विषय पढ़ाते हैं। लगातार कई पीरियड में एक ही शिक्षक पढ़ाते रहते हैं। बोर्ड की परीक्षा है, इसलिए अब रिवीजन चल रहा है। हमें पढ़ाई में निजी शिक्षकों की मदद लेनी पड़ रही है।-श्यामदेव शर्मा, कक्षा-12, राजकीय विद्यालय मढ़ाका, सहपऊ।
हमें मालूम है कि हमें अगले साल बोर्ड की परीक्षा देनी है, इसलिए हम स्कूल के साथ घर पर भी तैयारी करते हैं। विज्ञान और गणित से संबंधित जो भी समस्या होती है, उसे हमारी शिक्षिका दूर करा देती हैं। हम घर में प्रैक्टिस करते हैं।-तनीषा, कक्षा-09, जीजीआईसी, हाथरस।
हमारे स्कूल में कुछ शिक्षक कम हैं, लेकिन इससे हमारी पढ़ाई पर कोई फर्क नहीं है। चाहे दो कक्षाओं को मिलाकर पढ़ाया जाए, लेकिन हमें सभी विषय पढ़ाए जाते हैं। हमारा कोर्स अब लगभग पूरा हो गया है।-अलीशा, कक्षा-09, जीजीआईसी, हाथरस।
कुछ समय पहले शिक्षकों की भर्तियां हुई थीं। आगे भी जैसे-जैसे शासन स्तर से शिक्षकों की भर्ती होगी, इन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होती जाएगी।-संत प्रकाश, डीआईओएस, हाथरस।
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केस-1
जीजीआईसी हाथरस में 33 के सापेक्ष मात्र 12 शिक्षक

राजकीय कन्या इंटर काॅलेज हाथरस में ही शिक्षकों की कमी है। इसमें कुल 33 शिक्षकों के पद सृजित हैं, लेकिन मात्र 12 की तैनाती है। यहां प्रधानाचार्य की भी तैनाती नहीं है। इसके चलते एक वरिष्ठ प्रवक्ता प्रधानाचार्य का भी कार्य संभालती हैं। इस तरह पढ़ाई कराने के लिए सिर्फ 11 शिक्षक ही कार्यरत रहते हैं। यहां कभी दो कक्षाओं की छात्राओं को एक जगह बैठाकर पढ़ाई कराई जाती है तो कभी अन्य विषयों के शिक्षक गणित और विज्ञान की शिक्षा देते हैं।

केस -2
सादाबाद के दो राजकीय विद्यालयों में 18 शिक्षकों की कमी

सादाबाद में माध्यमिक शिक्षा के दो विद्यालयों का संचालन होता है। इसमें राजकीय हाईस्कूल अरौठा में कुल सात पद स्वीकृत हैं। इनमें से सिर्फ तीन ही शिक्षक तैनात हैं। गणित व विज्ञान के शिक्षक न होने से शिक्षकों के साथ छात्र-छात्राओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। राजकीय इंटर काॅलेज गुतहरा में शिक्षकों के कुल 17 पद हैं। इनमें से मात्र तीन शिक्षक ही तैनात हैं। यहां 14 शिक्षकों की कमी है। इसमें गणित और विज्ञान का कोई शिक्षक नहीं है। इस विद्यालय के तीन शिक्षक ही सभी विषयों को पढ़ाने को मजबूर हैं।

केस-3
रसगवां व मढ़ाका में भी नहीं गणित व विज्ञान के शिक्षक

सहपऊ के राजकीय विद्यालय रसगवां और मढ़ाका में भी गणित, विज्ञान व शारीरिक शिक्षा के शिक्षकों की तैनाती नहीं है। स्कूलों में तैनात अन्य विषयों के शिक्षक ही गणित और विज्ञान आदि विषय पढ़ाने को मजबूर हैं।
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