मोहनगंज में घुटनों तक पानी में होकर जाते लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
हाथरस। रविवार की दोपहर को हुई दो घंटे की झमाझम बारिश ने नगर पालिका के सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम को तार-तार करके रख दी है। बारिश के बाद पूरा शहर ताल-तलैया में तब्दील होकर रह गया है। पूरे शहर का नजारा पोखर जैसा ही दिखाई दे रहा था। शहर हर गली, मोहल्ले में जलभराव हो गया। कोतवाली सदर परिसर भी जलमग्न हो गई। शहर के कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। लोग जलभराव के बीच होकर गुुजरे। बारिश बंद होने के बाद कई इलाकों से गंदा पानी नहीं निकल सका तो कई क्षेत्रों में बारिश बंद होने के बाद बारिश का पानी निकल गया। मोहनगंज, भूरा नगला रोड, श्रीनगर, गंगाधर गली में घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव होने से लोगों ने नगर पालिका प्रशासन को खूब कोसा।
मधुगढ़ी रोड पर फिसलन से लोग हुए चुटैल
बारिश के कारण आवागमन में सर्वाधिक परेशानी मुरसान गेट और मधुगढ़ी रोड से होकर गुजरने वाले लोगों को हुई। सीवर लाइन डालने जाने के बाद कच्चा रास्ता और ऊपर से बारिश आने के बाद कीचड़ और फिसलन के चलते दोपहर से शाम तक कई बार वाहन चालक वाहन लेकर फिसले और चुटैल हो गए। मधुगढ़ी रोड और मुरसान गेट पर बदहाल रास्ता होने के कारण लोगों को सर्वाधिक परेशानी उठानी पड़ी।
भैया! पूरौ शहर पोखर जैसो दीख रह्यौ है...
रविवार को जब बारिश से शहर में जलभराव हुआ तो लोग आपस में यही बात करते हुए देखे गए कि ये क्या हाल है मेरे शहर का। आज तौ भैया पूरा शहर पोखर जैसा दिखाई दे रहा है। ऐसा कोई स्थान नहीं दिख रहा, जहां जलभराव नहीं हो रहा हो। पता नहीं मेरे शहर को जलभराव से कब मुक्ति मिलेगी।
दीवार टूटी, कोतवाली परिसर जलमग्न
कोतवाली सदर के निकट कई सालों से नाले की सफाई नहीं होने के चलते नाले के पास कोतवाली की दीवार भी धराशाई हो गई। दीवार टूटने के बाद नाले का गंदा पानी कोतवाली परिसर में ही भर गया। पुलिस अधिकारियों ने कई बार इस संबंध में पालिका अधिकारियों को भी अवगत कराया है, लेकिन आज तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। कोतवाली परिसर में पुलिस कर्मियों के जो परिवार स्टाफ क्वार्टरों में रहते हैं, जलभराव से उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी। उन्हें क्वार्टरों के गिरने का खतरा सताता रहता है।