क्षेत्र के गांव खरगू में बीती 14 जुलाई को छज्जा गिरने से दो महिलाओं सहित छह लोग मलबे में दब गए थे। एक महिला की उसी दिन मौत हो गई थी। इस हादसे के 37 दिन बाद बृहस्पतिवार की सुबह दूसरे घायल ने भी दिल्ली में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
बीती 14 जुलाई को गांव खरगू निवासी संतोष की पत्नी कविता (28) घर के छज्जे पर खड़े होकर कांवड यात्रा देख रहीं थीं। छज्जे के नीचे उसकी सास राजवती देवी, दो बेटे प्रतीक व पवन और पड़ोसी हरिशंकर कौशिक (55) व साहिल मौजूद थे। अचानक छज्जा भरभरा कर गिर गया। छज्जा गिरने से छह लोग मलबे के नीचे दब गए थे।
ग्रामीणों और परिजनों ने मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला और जिला अस्पताल ले गए। जहां से कविता को आगरा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था, लेकिन कुछ घंटों बाद ही उसकी मौत हो गई। हादसे के 37 दिन बाद हरिशंकर कौशिक उर्फ गंगाजी (55) ने भी दम तोड़ दिया।
हरिशंकर के परिजनों ने बताया कि घायल होने के बाद उन्हें जिला अस्पताल और फिर वहां से आगरा ले जाया गया था। हालत में सुधार न होने के कारण सोमवार को उन्हें आगरा से दिल्ली रेफर कर दिया गया। बृहस्पतिवार की सुबह दिल्ली के मेट्रो अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया। हरिशंकर अपने पीछे दो बेटियों और दो बेटों को रोता बिलखता छोड़ गए हैं।