हाथरस। सेठ फूलचंद बागला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संस्कृत, हिंदी एवं अंग्रेजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को आधुनिक परिवेश में वेदों की प्रासंगिकता, भक्ति आंदोलन की सामाजिक उपादेयता एवं प्रेम के कवि शेक्सपियर विषयों पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रोफेसर रमेश रावत व कन्या गुरुकुल सासनी की मुख्य अधिष्ठात्री आचार्या पवित्रा विद्यालंकार, एसबीजे कॉलेज बिसावर के प्राचार्य डॉ. ज्वाला सिंह तथा महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. रामकृष्ण शर्मा ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के छविचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शाकिर अली द्वारा प्रस्तुत की गई गणेश वंदना, डा. श्रद्धा शर्मा एवं शिक्षा संकाय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत की गई सरस्वती वंदना ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। एएमयू के हिंदी के प्रोफेसर रमेश रावत ने भक्ति आंदोलन की सामाजिक उपादेयता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें एकांगी दृष्टिकोण से बचना चाहिए और किसी विषय पर कोई धारणा बनाने से पहले उसके तथ्यों का भलीभांति परीक्षण कर लेना चाहिए। भक्ति के उदय के संबंध में उन्होंने मुसलमानों के आक्रमणों को उत्तरदायी मानने से अधिक देश की आंतरिक परिस्थितियों और सामाजिक व्यवस्था को उत्तरदायी बताते हुए भक्ति के उदय को भारतीय चिंताधारा का स्वाभाविक क्रम बताया। संस्कृत की मुख्य वक्ता पवित्रा विद्यालंकार ने वर्तमान संदर्भों में वेदों की प्रासंगिकता बताते हुए जीवन की सार्थकता के लिये वेद ज्ञान को आवश्यक बताया तथा वेदों को संपूर्ण सृष्टि के लिए एक सर्वश्रेष्ठ संविधान बताया। अंग्रेजी के मुख्य वक्ता डॉ.ज्वाला सिंह ने शेक्सपियर को प्रेम का अद्वितीय कवि बताते हुए उनके साहित्य से प्रेरणा ग्रहण कर सद्भाव और समरसता की सीख लेने का आह्वान किया। इस मौके पर डॉ. एसपीएस चौहान, डॉ. कमला मिढ्ढा, डॉ. चंद्रशेखर रावल, डॉ. प्रीति वर्मा, डॉ. संध्या कुमारी एवं डॉ. एमपी सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के मध्य में अतिथियों का प्रतीक चिन्ह के रूप में मां सरस्वती की प्रतिमा भेंट की गई। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने किया। डॉ. सुनंदा महाजन ने सभी आगंतुक अतिथियों, महाविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं का आभार जताया। कार्यक्रम में डॉ.पीडी राठी, डॉ. कौशलेश सिंह, डॉ. संदीप बंसल, डॉ. राजेश कुमार(कॉमर्स), डॉ. कृष्णानंद त्रिपाठी, मो. दानिश, डॉ. दीपा ग्रोवर, डॉ. डीके दीक्षित, डॉ. राकेश टंडन, गोधन सिंह, डॉ. कपिल गुप्ता, डॉ. श्रद्धा शर्मा, डॉ. राधा वार्ष्णेय, पिंकी रानी, प्रीति, डॉ. वीरेश कुमार, केंद्र कुमार, एचडी गौड, गरिमा अग्निहोत्री, शिवम अग्निहोत्री, प्रदीप कुमार, यतीश कुमार नगाइच, राजकिशोर, ब्रजकिशोर एवं सुभाष आदि मौजूद रहे।