कृषि उत्पादन मंडी समिति में मंडी शुल्क की चोरी रोकने के लिए अब मंडी समिति परिषद के लखनऊ मुख्यालय से निगरानी की जाएगी। इसके लिए मंडी में अब वेब कैमरे लगवाने का निर्णय लिया है। इन कैमरों की मदद से मंडी परिषद के अधिकारी लखनऊ में बैठकर ही मंडी में अनाज की बोली और टैक्स वसूली की गतिविधियों की आनलाइन निगरानी कर सकेंगे और उनकी मानीटरिंग भी कर सकेंगे।
कृषि उत्पादन मंडी समिति में मंडी शुल्क की चोरी का खेल अनवरत रूप से चलता रहता है। इसकी निगरानी के लिए अब राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने भी अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लेने का निर्णय लिया है।
मंडी का कोना-कोना अब वेब कैमरों की नजर में होगा। मंडी की पूरी व्यवसायिक गतिविधि और वाहनों की आवाजाही इन कैमरों की निगरानी में होगी। आम तौर पर शिकायत रहती हैं कि मंडी स्टाफ द्वारा कृषि उत्पादों को बिना नौ आर गेट पास काटे ही शहर से बाहर किया जाता रहा है।
मंडी कर्मियों के इस काम के कारण मंडी को प्रति माह लाखों रुपये के राजस्व का चूना लगता है। इन हालात को अब मंडी समिति परिषद भी अच्छी तरह से समझ चुका है। यही वजह है कि मंडी की निगरानी के लिए उसे अत्याधुनिक तकनीकी का सहारा लेना पड़ रहा है।
मंडी में इसके लिए नेटवर्किंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है। टावर लगाया जा चुका है। अन्य उपकरणों के आने का इंतजार किया जा रहा है। उम्मीद है कि अगले महीने से मंडी में यह सुविधा शुरू हो जाएगी, जिसके बाद न तो आढ़तियों और न हीं मंडी कर्मियों के लिए व्यवसायिक गतिविधियों में मनमानी करना आसान होगा।
मंडी समिति परिषद ने मंडी शुल्क की चोरी के लिए ई ऑक्शन की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही मंडी की निगरानी के लिए कैमरे लगाए जा रहे हैं। इनकी मॉनीटरिंग लखनऊ स्थित मुख्यालय से होगी।
-रामबाबू शर्मा, मंडी सचिव हाथरस