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हाथरस के न्यायालय परिसर में बवाल के बाद काफी देर तक रहे हालात बेकाबू

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हाथरस में दीवानी न्यायालय परिसर के बाहर हंगामे के दौरान लगी भीड़। - फोटो : HATHRAS
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खंदारी गढ़ी और कचहरी परिसर के बाहर काफी देर तक रहे हालात बेकाबू
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कचहरी परिसर के बाहर पुलिस से उलझने के मामले में भी चारों आरोपियों पर दूसरा मुकदमा दर्ज
आरोपियों के दुस्साहस को देख मौके पर मौजूद सैकड़ों लोग पड़ गए अचरज में
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। मंगलवार की रात्रि में खंदारी गढ़ी और फिर बुधवार की दोपहर कचहरी परिसर के बाहर हालात बेकाबू रहे। माहौल रहा। बुधवार को जब पुलिस कोर्ट के आदेश पर इन्हें रिमांड पर ले जाने के लिए जीप में बैठाने के लिए हुई तभी आरोपी पुलिस से उलझ गए और पुलिस से उलझ गए। इन आरोपियों की यही कोशिश थी कि किसी भी तरह से पुलिस उन्हें अपने साथ पकड़कर न ले जाने पाए। ऐसे में पुलिस ने पहले तो नरमी बरती क्योंकि उसे न्यायलय परिसर का डर था लेकिन जब आरोपियो ने पुलिसकर्मियों के साथ ही मारपीट शुरू कर दी और पानी सिर से उतर गया तब पुलिस ने बल प्रयोग कर इन्हें पीटा और जबरिया रस्से में बांधकर अपने साथ ले गई। कचहरी परिसर में हुई घटना को लेकर भी देर रात पुलिस ने एक और मुकदमा इन चारों के खिलाफ दर्ज कर लिया।
चोरी के मामले में मंगलवार को दबिश देने गई पुलिस को खंदारी गढ़ी में मजामत का सामना करना पड़ा। उसके बाद पुलिस ने एक ही परिवार के इन चारों सदस्यों को जब कोर्ट में पेश किया तो पुलिस को यह उम्मीद नहीं थी कि उसे कचहरी परिसर में भी इन लोगों की ऐसी हरकतों का सामना करना पड़ेगा। पुलिस जब इन आरोपियों को कोर्ट परिसर से गाड़ी में बैठाने के लिए ले जा रही थी तभी इन लोगों ने खुद को छुड़ाने की कोशिश कर दी।
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एक युवक ने हथकड़ी से खुद को छुड़ाने की कोशिश की और हथकड़ी अपने साथ बंधे दूसरे युवक के मारने लगा तो एक अभियुक्त ने गेट ही पकड़ लिया। पुलिस से जब उसे खींचा तो वह गाड़ी में बैठने के लिए तैयार ही नहीं हुआ। यही नहीं अभियुक्त जमीन पर भी लेट गए। उनकी पूरी कोशिश खुद को पुलिस से छुड़ाने की थी और वह भी हजारों लोगों की मौजूदगी में। पहले तो पलिस नरमी से पेश आई लेकिन इन लोगों ने जब वहीं तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों से मारपीट शुरू कर दी तो पुलिस ने भी इनकी सख्ती से धुनाई शुरू कर दी। ऐसे में पुलिस इन्हें जैसे-तैसे घसीट कर अपने साथ ले गई। इस दौरान करीब एक घंटे तक कोर्ट परिसर के बाहर हालात बेकाबू ही रहे।
पुलिसकर्मी को मारा तमाचा तो उत्तेजित हुई पुलिस
हाथरस। एक तमाचे से बात और ज्यादा बिगड़ गई। मंगलवार में पुलिस टीम को पीटने की घटना से खंदारी गढ़ी के गिरफ्तार लोगों से पुलिस पहले से ही खार खाए बैठी थी। उसके बाद जब यह लोग फिर कचहरी परिसर में पुलिस से उलझ गए और एक महिला ने एक पुलिसकर्मी के तमाचा मार दिया। इससे पुलिसकर्मी बेहद गुस्से में आ गए और उन्होंने भी इन पर अपना पूरा गुस्सा उतार दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पुलिस की मारपीट में आरोपियों के चोटें आई हैं।
वकील यदि आ जाते पुलिस के विरोध में तो बिगड़ जाते हालात
हाथरस। कोर्ट परिसर में मौजूद वकील व अन्य लोग भी यह नजारा देखकर हतप्रभ रह गए कि पुलिस अभियुक्तों को घसीट रही थी और अभियुक्त पुलिस की पकड़ से छूटने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि इस दौरान वकीलों ने पुलिस का कहीं विरोध नहीं किया, वरना हालात गंभीर हो सकते थे। इस बात से पुलिसकर्मी भी चिंतित थे कि दिल्ली में चल रहे घटनाक्रम के चलते यदि इस स्थिति में यदि वकील आरोपियों का पक्ष न ले लें। ऐसे में पुलिस को जान से लाले पड़ सकते थे और आरोपी बड़े आराम से वहां से निकल सकते थे। खुद बाद में पुलिस अधिकारियों ने भी स्थानीय वकीलों की इस भूमिका को सराहा कि वह पुलिस के साथ ही दिखे।
पर्याप्त फोर्स साथ नहीं आई अभियुक्तों के
हाथरस। कोर्ट परिसर में दर्जनों वारदातें हो चुकी हैं और सुरक्षा व्यवस्था में चूक हमेशा दिखाई दी है। मंगलवार को पुलिस मजामत के अभियुक्तों के लाते वक्त भी पर्याप्त पुलिस फोर्स इन्हें लेकर नहीं आया। बाद में जब बखेड़ा हुआ तब अ तिरिक्त पुलिस फोर्स आया। वैसे कोतवाली निरीक्षक हाथरस गेट का कहना है कि इन अभियुक्तों के साथ काफी पुलिस फोर्स भेजा गया था। वहीं वकीलों का कहना है कि कोर्ट में और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए।
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मंगलवार की रात्रि में वांछित को जब पुलिस टीम पकड़ने गई थी तो पुलिस पर उसने वे उसके ही परिवार के अन्य सदस्यों ने हमला किया था। पुलिस ने फिर भी चार लोगों को वहां से गिरफ्तार किया। इन चारों के खिलाफ मुकदमा भी कायम किया। अब बुधवार को फिर इन लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा डालकर कचहरी परिसर में पुलिसकर्मियों से हाथापाई की। इन्हीं चारों के खिलाफ कोतवाली हाथरस में दूसरा मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है।
-सिद्धार्थ वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक
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