नगर पालिका प्रशासन भले ही सफाई को लेकर कितने भी दावे करे, लेकिन शहर के कई इलाकों में स्थिति बिल्कुल उलट है। शहर का रमनपुर नई बस्ती इलाका इसकी बानगी है। इलाके में गंदगी के अंबार लगे हैं।
जगह-जगह कूड़े-करकट के ढेर लगे हुए हैं। रास्ते कीचड़ और गंदगी से अटे पड़े हैं। हालत इतनी खराब है कि इन रास्तों से होकर निकलना भी दूभर है। हालांकि पालिका प्रशासन का दावा है कि लोगों की शिकायत के बाद यहां पानी की निकासी के लिए अंडरग्राउंड पाइप लाइन डलवा दी गई थी।
इसके बावजूद हालात सुधार में नहीं है। कीचड़ और गंदा पानी खड़ंजों पर ही जमा रहता है। कई बार स्थानीय लोग पालिका प्रशासन से इसकी शिकायत कर चुके हैं। पिछले दिनों नगर पालिका के मुआयने पर पहुंचे विशेष सचिव राजीव रौतेला के सामने भी स्थानीय लोगों ने यह समस्या जोर-शोर से उठाई थी।
सचिव ने अधिकारियों को समस्या का जल्द निदान कराने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इस कारण लोगों में पालिका प्रशासन के प्रति गुस्सा है।
आसपास के इलाकों में कई ऐसी गलियां बन चुकी हैं, जहां फिलहाल ज्यादा जरूरत नहीं थी, लेकिन हमारी गली बनने का नंबर ही नहीं आ रहा है, जबकि यहां काम होने की बहुत जरूरत है।
- देवकी, स्थानीय निवासी
कई बार इसकी शिकायत नगर पालिका प्रशासन से की जा चुकी है, लेकिन कोई निदान नहीं किया गया है। हम नर्क जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हो रहे हैं।
- रामश्री, स्थानीय निवासी
यह समस्या रमनपुर टावर वाली गली की है। यहां पहले बहुत स्थिति खराब थी। हमने जलनिकासी के लिए यहां पाइप लाइन लगवा दी, जिसके बाद जलभराव तो दूर हो गया है। गलियों के निर्माण की स्वीकृति हो चुकी है। टेंडर भी करा दिए गए हैं। आचार संहिता से पहले इनका काम शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
- डौली माहौर, नगर पालिकाध्यक्ष हाथरस