पिछले चार महीनों में सरसों के तेल के दाम 30 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गए हैं। इस साल मार्च तक तेल के दाम करीब 110 रुपये लीटर थे, लेकिन वर्तमान में यह 160 रुपये लीटर बिक रहा है। इसका कारण सरसों की पैदावार में कमी बताया जा रहा है।
कारोबारियों का कहना है कि अप्रैल माह की शुरुआत से सरसों के तेल के दामों में वृद्धि का सिलसिला शुरू हुआ था, जो अब तक जारी है। व्यापारियों का कहना है कि सरसों की पैदावार एक बीघा में एक से डेढ़ क्विंटल तक होती है, लेकिन इस बार मार्च में सरसों की पैदावार एक बीघा में करीब 80 किलो तक सिमट गई।
इस कारण सरसों पैदा करने वाले किसानों को भी काफी नुकसान हुआ है। पैदावार कम होने से कच्चे माल की आवक कम हुई है। इस कारण सरसों के दामों में भी लगातार उछाल आ रहा है और इसका असर खाद्य तेल के दामों पर पड़ रहा है।
माह थोक भाव - फुटकर भाव
मार्च 126 130
अप्रैल 133 135
मई 140 145
जून 144 150
जुलाई 156 160
नोट : कीमतें प्रति लीटर में हैं।
सरसों की पैदावार में कमी होने के कारण इस बार सरसों के तेल के दामों में उछाल आ गया है। लगातार दाम बढ़ रहे हैं।
-कन्हैयालाल वार्ष्णेय, थोक व फुटकर विक्रेता
पिछले साल तो 110 रुपये लीटर में तेल खरीदा था, लेकिन इस साल तेल के दाम 160 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं।
-अजमल निवासी सूजिया, ग्राहक।