हाथरस। बागला इंटर कॉलेज में चल रहे प्रवेश प्रक्रिया प्रकरण को लेकर रविवार को वार्ष्णेय समाज की एक आपातकालीन बैठक मंदिर श्री गोविंद भगवान प्रांगण में हुई।
अध्यक्षता प्रबंध समिति के अध्यक्ष संजीव वार्ष्णेय एडवोकेट ने की। संचालन प्रबंध समिति के महामंत्री राजेश गुप्ता ने किया। वक्ताओं ने कहा कि बागला इंटर कॉलेज में कक्षा नौ में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर जो हुआ, वह बनाए गए तथाकथित विवाद, षड्यंत्र और कालेज में फैली गुटबाजी का एक हिस्सा था। जहां तक कक्षा नौ में प्रवेश की बात है तो अभी प्रवेश प्रक्रिया आगामी माह जून जुलाई तक निरंतरता में है, फिर इसे मुद्दे को इतना तूल क्यों दिया गया। कक्षा नौ में तीन सेक्शनों में सामान्य जाति के कुछ न कुछ विद्यार्थी अवश्य हैं। सरकारी स्कूलों में जनरल वर्ग के विद्यार्थियों की संख्या लगभग 1/5 के बराबर होती है। ऐसा भी नहीं है कि सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को किसी एक सेक्शन में प्रवेश दिया गया हो। वक्ताओं ने कहा कि राधेश्याम वार्ष्णेय द्वारा कॉलेज में विगत वर्षों से चहुंओर की जा रही उन्नति और विद्यार्थियों व कॉलेज के अध्यापकों पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई का यह परिणाम हुआ कि कॉलेज के अकर्मण्य अध्यापकों ने ही एक साजिश के तहत उन्हें फंसा दिया। शासन-प्रशासन ने भी प्रधानाचार्य का पक्ष नहीं जाना। बैठक में संजीव वार्ष्णेय, निर्मल वार्ष्णेय, राजेश गुप्ता, रवेंद्र वार्ष्णेय, ओमप्रकाश वार्ष्णेय, हरिनामदास सांचा, मदनगोपाल वार्ष्णेय, मूलचंद्र वार्ष्णेय, सतीशचंद्र गुप्ता एडवोकेट, संजीव आंधीवाल, रामेश्वर दयाल आढ़ती, सत्यप्रकाश गुप्ता, अशोक मास्साब, राजकुमार गुप्ता, सुरेंद्र कुमार आदि अनेक लोग थे।