आयकर कार्यालय में आयोजित गोष्ठी के दौरान मौजूद कर अधिवक्ता व चार्टर्ड अकाउंटेंट। स्रोत : स्वयं
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नये आयकर अधिनियम-2025 से अवगत कराने के लिए शुक्रवार को आयकर कार्यालय में गोष्ठी हुई। जिसमें आयकर अधिकारियों ने नये कानून की प्रमुख विशेषताओं और बदलावों की जानकारी दी। आयकर अधिकारी नीतीश वर्मा, रंजना अग्रवाल एवं आयकर निरीक्षक प्रशांत गहलोत ने नये अधिनियम का मुख्य उद्देश्य बताया।
कहा कि इसका उद्देश्य वर्तमान आयकर अधिनियम-1961 के जटिल प्रावधानों को सरल, संक्षिप्त और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाना है। नये कानून में धाराओं का युक्तिकरण किया गया है, भाषा को अधिक स्पष्ट किया गया है। डिजिटल अनुपालन और प्रत्यक्ष मूल्यांकन पर जोर दिया गया है। पुराने अधिनियम में समय-समय पर हुए अनेक संशोधनों के कारण व्याख्या संबंधी जटिलताएं उत्पन्न हो गई थीं।
ऐसे में नया अधिनियम प्रावधानों को समेकित कर मुकदमों में कमी लाने और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कटौतियों और छूटों की समीक्षा कर प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है, जिससे व्यापार करने में सुगमता बढ़ेगी। कर प्रशासन आधुनिक आर्थिक व्यवस्थाओं के अनुरूप हो सकेगा। समय-समय पर गोष्ठियां, आउटरीच कार्यक्रम और सेमिनार आयोजित किए जाते रहेंगे।
गोष्ठी में डिस्ट्रिक्ट टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बीके शर्मा एडवोकेट, लोकेश वार्ष्णेय चार्टर्ड अकाउंटेंट, रामकुमार शर्मा एडवोकेट, भुवनेश वार्ष्णेय एडवोकेट, दुर्गेश चतुर्वेदी एडवोकेट, आकाश ठाकुर एडवोकेट, प्रमोद कुमार सहित अन्य अधिवक्ता एवं कर विशेषज्ञ उपस्थित रहे।