हाथरस। गुरुवार से शुरू हो रहीं बोर्ड परीक्षाओं में किला फतह करने के लिए नकल के ठेकेदारों ने भी तैयारियां पूरी कर ली हैं। एक तरफ प्रशासन जहां परीक्षाओं की सुचिता को बनाए रखने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है तो दूसरी तरफ नकल माफियाओं ने भी अपना नेटवर्क खड़ा कर दिया है। प्रशासन के नकल रोकने के इंतजाम की काट नकल माफियाओं ने तैयार कर ली है। बोर्ड परीक्षाओं में नकल के लिए हाथरस जिला हमेशा से आगे रहा है। सादाबाद, सहपऊ, सिकंदराराऊ व अन्य कई ब्लॉकों के ग्रामीण क्षेत्र नकल के लिए कुख्यात हैं। यहां पर कई परीक्षाकेंद्र आबादी से काफी दूर खेतों में बने हुए हैं। ऐसे में नकल माफियाओं की सड़क से लेकर परीक्षाकेन्द्र तक पानी भरने, गड्डे करने की योजना बनाई है, जिससे प्रशासनिक सचल दस्ते केन्द्र तक न पहुंच सकें। यही नहीं परीक्षा केन्द्रों के आसपास स्थित कई दुकानों पर गुप्तचर बैठा दिए गए हैं। यह गुप्तचर फोन द्वारा सचल दस्तों के आने जाने पर निगाह रखेंगे और परीक्षाकेन्द्र पर पहुंचने से पहले ही इसकी जानकारी नकल माफियाओं को देंगे। यही नहीं नकल माफियाओं ने तो सचल दस्ते में शामिल कुछ अफसरों के कुछ अधीनस्थों से भी जुगाड़ फिट कर ली है, इनसे भी सचल दस्ता कब पहुंचेगा, इसकी जानकारी ली जाएगी। नकल माफियाओं ने कुछ कक्ष निरीक्षकों से भी यह सेटिंग बनाई है कि प्रशभनपत्र बंटने के तुरंत बाद ही आउट हो जाए, जिससे प्रशभनपत्र की पूरी आंसर सीट तैयार कर परीक्षार्थियों के पास पहुंचाई जा सके। आंसरसीट तैयार करने के लिए नकल माफियाओं ने कुछ एक्सपर्ट शिक्षकों से भी संपर्क साध लिया है और उन्हें एकमुश्त मोटी रकम देने का भी आश्वासन दिया है। नकल माफियाओं ने दुकानें बंद रहने के कारण फोटोस्टेट मशीन घर में रखवाकर फोटोस्टेट कराने का भी पूरा प्लान है। --------रुपये देने वाले परीक्षार्थियों की अलग कमरे में होगी परीक्षाग्रामीण क्षेत्र के अधिकतर परीक्षाकेन्द्रों पर नकल के लिए ठेका कर लिया गया है। परीक्षाकेन्द्र संचालक भी इसमें शामिल हैं। इन केन्द्रों पर नकल के लिए रुपए देने वाले परीक्षार्थियों को ऐसे कमरे में बैठाया जाएगा, जहां नकल आसानी से पहुंच सके और सचल दस्ते के आने पर नकल आराम से बाहर निकाली जा सके। यही नहीं रुपये न देने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षाकेन्द्र के मैन गेट के सामने वाले कमरों में ही बैठा दिया गया है। पहले भी इस तरह के आरोप परीक्षार्थी लगाते रहे हैं।