नगर पालिका क्षेत्र की जनता पर अब टैक्स का बोझ बढ़ गया है। नगर पालिका द्वारा हाउस और वाटर टैक्स बढ़ाए जाने से करदाताओं में खलबली मची हुई है। करीब 36 साल बाद नगर पालिका ने इस टैक्स में बढ़ोतरी की है। जिन-जिन करदाताओं पर नगर पालिका से बढ़ी हुई धनराशि के बिल पहुंच रहे हैं, वह बिलों को लेकर असमंजस में फंसे हुए हैं।
बता दें कि नगर पालिका परिषद में वर्ष 1980 के बाद वर्ष 2016-17 में शासनादेश के अनुसार स्वकर नियमावली के तहत कर निर्धारण की प्रक्रिया बोर्ड के समक्ष रखी गई थी। प्रस्ताव पास होने के बाद कर निर्धारण का कार्य शुरू हुआ।
1980 में नगर पालिका क्षेत्र में 16 हजार करदाता थे, लेकिन पिछले साल हुए सर्वे के बाद अब यह संख्या 32 हजार को भी पार कर गई है। कर विभाग के अधिकारियों ने कहा कि शासनादेश के अनुसार हाउस और वाटर टैक्स बढ़ाया गया है।
किसी करदाता को यदि ऐसा लग रहा है तो टैक्स ज्यादा है तो वह उस पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। कर एरिया के हिसाब से बढ़ाया गया है। सर्वे के बाद 32 हजार बिल भेजने का काम चल रहा है। बिलों में स्पष्ट लिखा है कि वर्तमान मांग यदि किसी को कोई आपत्ति है तो वह अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
यदि किसी व्यक्ति के पास एक हजार स्क्वायर फीट आवासीय मकान है तो 20 फीसदी को छोड़कर 80 फीसदी मकान पर टैक्स लगाया जाएगा। करदाता को बिल की वर्तमान मांग पर आपत्ति मांगी गई हैं। आपत्ति फार्म भी भरवाए जा रहे हैं।
हाथरस। नगर पालिका प्रशासन द्वारा शहर में ऐेसे लोगों के यहां भी जलकर के बिल भेजे गए हैं जहां वाटर सप्लाई ही नहीं हो रही है। शहर के विभवनगर, नवीपुर सहित कई क्षेत्र हैं, जहां वाटर सप्लाई नहीं हो रहा। टैक्स विभाग के अधिकारियों के अनुसार यदि क्षेत्र के 200 वर्ग मीटर क्षेत्र में नगर पालिका पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन गुजर रही हैं तो उनसे भी टैक्स की वसूली की जाएगी। सभी पर टैक्स एक्ट के अनुसार लगाया जाएगा।
- शासनादेश के तहत स्वकर नियमावली के अनुसार टैक्स का निर्धारण किया गया है। अभी 32 हजार से अधिक बिल बनाए गए हैं और कुछ भेजे भी जा चुके हैं। वर्तमान मांग पर यदि किसी को कोई आपत्ति है तो वह आपत्ति फॉर्म भर कर दे सकते हैं। आपत्ति निस्तारण के बाद ही टैक्स की वसूली की जाएगी।
- डौली माहौर, चेयरमैन हाथरस