सड़क हादसे के दूसरे दिन बुधवार को गांव पदू में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। मृतक अमित व सुमित की मां रजनी का फिलहाल रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों बेटों को याद कर मां बार-बार बेहोश हो रही हैं। वह पूरी तरह बदहवाश हालत में हैं।
परिजन मां को संभालने में लगे हुए हैं। गांव पदू निवासी नारायण हरि के दो बेटे सुमित व अमित की सड़क हादसे में मंगलवार को मौत हो गई थी। दोनों की मौत की खबर के बाद से पिता नारायण हरि व मां रजनी देवी का रो रोकर बुरा हाल है। मां की गोद सूनी हो गई। पिता की बूढ़ी आंखों से आंसू थमने का नाम ले रहे।
गांव की गलियों में कहीं सन्नाटा है तो कहीं बेटे को पुकारती मां की आवाज गूंज रही है। चिखती, चिल्लाती, रोती-बिलखती मां का सिर्फ इतना ही कहना है कि एक बार बेटों से मेरी बात करा दो। कोई उन्हें उनके बेटों की झलक दिखा दे। इधर, पिता रोते हुए बस यही कह रहे हैं कि हमारे इस घर को न जाने किसकी नजर लग गई।
गांव पदू में दूसरे दिन भी नहीं चले चूल्हे
मुरसान। गांव बघराया के पास सेंगर नदी के पुल पर मंगलवार की सुबह ईको कार के चालक ने तेज रफ्तार से सड़क के गड्ढे को बचाने के चक्कर में सामने से आ रहे बाइक सवार और स्कूटी सवार को टक्कर मार दी थी। हादसे में गांव पदू निवासी नारायण हरि के 23 वर्षीय पुत्र अमित, 21 वर्षीय नौसेना कर्मी सुमित व मृतकों के मौसा योगेश शर्मा निवासी शिव कॉलोनी सिकंदराराऊ की मौत हो गई थी। गांव पदू में दो सगे भाइयों की मौत से गम का माहौल है। गांव के कई घरों में बुधवार को दूसरे दिन भी चूल्हे नहीं जले। पूरा गांव शोक में डूब गया। गांव की गलियों में रुक-रुककर सिसकियां सुनाई दे रहीं हैं। गलियां वीरान नजर आ रहीं हैं। मृतकों के घर पर रिश्तेदारों का आना-जाना लगा हुआ है। हर कोई परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहा है। बाहर से किसी रिश्तेदार के घर आते ही परिवार में करुण-क्रंदन गूंजने लगता है। संवाद