हाथरस। कस्बा मेंडू में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के बारे में उपभोक्ताओं की शिकायतें अब खुलकर सामने आने लगी हैं। हाल ही में आई तेज आंधी और बारिश के बाद क्षेत्र में करीब 50 घंटे तक बिजली बाधित रही। इसके बावजूद उपभोक्ताओं के मीटरों में लगातार बिजली की खपत दर्ज होती रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तीन, चार और पांच अप्रैल को जब बिजली पूरी तरह ठप थी, तब भी उनके स्मार्ट प्रीपेड मीटर सामान्य दिनों की तरह यूनिट खपत दिखाते रहे। इस कारण उनके बैलेंस से लगातार रुपये कटते रहे, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि यह व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी नहीं है और इसमें तकनीकी खामियां हैं।
लोगों का कहना है कि जब बिजली मिल ही नहीं रही, तो खपत दिखना और बैलेंस कटना समझ से परे है। कई उपभोक्ताओं ने यह भी कहा कि पुराने मीटरों में ऐसी समस्या सामने नहीं आती थी, लेकिन स्मार्ट प्रीपेड मीटर लागू होने के बाद इस तरह की शिकायतें बढ़ी हैं। फिलहाल कस्बा मेंडू में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और उपभोक्ता इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
सोखना फीडर में खराबी से बंद रही थी आपूर्ति
तीन अप्रैल की देर शाम अचानक आई आंधी-बारिश के बाद सोखना फीडर से कस्बा मेंडू सहित कई गांवों की बिजली ठप हो गई थी। आपूर्ति बहाल होने से पहले ही आंधी-बारिश आने से समस्या और बढ़ गई। पांच अप्रैल की दोपहर को आपूर्ति बहाल हुई। इसके बावजूद प्री-पेड मीटरों में तीन और चार अप्रैल को बिजली की सामान्य दिनों की तरह खपत दर्ज की गई। लोगों का कहना है कि यदि विद्युत आपूर्ति ठप न हुई होती तो स्मार्ट मीटर की गड़बड़ी सामने नहीं आती।
2.77 लाख कुल उपभोक्ता हैं जनपद में
1.36 लाख स्मार्ट मीटर लग चुके हैं जनपद में।
1.34 लाख स्मार्ट मीटर को किया जा चुका है प्रीपेड।
अभी तक समस्या इस बात की थी कि विद्युत आपूर्ति सुचारू नहीं रहती। बिजली न आने से काम प्रभावित होते हैं, लेकिन अब आपूर्ति नहीं होने के बाद भी बिल देना पड़ रहा है। एप पर साफ दिखाई दे रहा है कि बैलेंस कटा है।
-अंतराम गुप्ता निवासी कस्बा मेंडू।
दो अप्रैल को बिजली उपलब्ध होने पर हमने 10.36 रुपये खर्च किए। तीन अप्रैल को देर शाम के बाद बिजली नहीं आई, फिर भी खर्च बना 9.67 रुपये। पांच अप्रैल को पूरे दिन विद्युत आपूर्ति ठप रही, फिर भी बिल बना 09.67 रुपये का।
-संजय कुमार, दुकानदार, कस्बा मेंडू।
समस्या संज्ञान में आई है। इस बारे में एक्सईएन को निर्देशित किया है कि वह इस तरह के उपभोक्ताओं की सूची बनाएं। हालांकि मीटर पूरी तरह तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य करते हैं। कई बार लाइन में वोल्टेज की उपलब्धता या आंशिक सप्लाई के कारण रीडिंग दर्ज हो सकती है। जिन उपभोक्ताओं को संदेह है, तो वह जांच के लिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
-अजीत कुमार सिंह, अधीक्षण अभियंता विद्युत, हाथरस।