रंग की फैक्ट्री में गैस सिलेंडर फटने के बाद लगी आग को बुझाते फायर कर्मी।
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हाथरस। अलीगढ़ रोड पर एक फैक्ट्री में हुए हादसे से कई अहम सवाल भी खड़े हो गए है। प्रशासन की नाक के नीचे यह अवैध फैक्टरी कैसे चल रही थी, और इस पर किसी की निगाह कैसे नहीं पड़ी। जहां यह घटना हुई वह तहसील से महज 100 मीटर की दूरी पर है।
रिहायशी इलाके में चल रही इस अवैध फक्टरी पर अगर प्रशासन या संबंधित विभागीय अधिकारियों का ध्यान पहले चला गया होता तो शायद यह हादसा न होता। सवाल यह भी है कि शहर के अन्य कई रिहायशी इलाकों में भी ऐसी तमाम फैक्टरियां चल रही है।
जिनके पास न तो अग्निशमन विभाग की एनओसी और न ही वह श्रम विभाग में पंजीकृत है। ऐसे में भविष्य में भी इस तरह की दुर्घटनाओं की आंशका बलवती होती जा रही है।