हाथरस। प्रदेश सरकार ने नगर पालिका परिषदों के साथ अब नगर पंचायतों में भी गृहकर की स्वमूल्यांकन व्यवस्था लागू करने का मन बना लिया है। नगर विकास विभाग द्वारा इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए नगर पंचायतों से कई बिंदुओं पर सूचना मांगी है। सूचना देने के लिए नगर पंचायतों को तीन सप्ताह का समय दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि निकायों की आय बढ़ाने के लिए वर्ष 2010 में सरकार ने नगर निकायों में स्वकर प्रणाली लागू करने का फैसला लिया था। यह व्यवस्था नगर निगम और नगर पालिकाओं में लागू होनी थी, लेकिन इससे संबंधित नगर पालिका नियमावली 2000 में संशोधन नहीं होने पर यह प्रणाली पूरी तरह लागू नहीं हो सकी। अब यह नियमावली संशोधित हो गई है, इसलिए सरकार ने अब स्वकर प्रणाली को नगर पंचायतों में भी लागू करने का फैसला लिया है।
इसके तहत भवन स्वामी को खुद संपत्ति के गृहकर का निर्धारण करने का अधिकार दिया जाएगा। इस व्यवस्था से नगर पंचायतों की आय में वृद्धि होगी। वहीं मकानों से गृहकर मिलना शुरू हो जाएगा। स्थानीय नगर निकाय के प्रभारी निदेशक राजेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने सभी नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों को स्वकर प्रणाली लागू करने के संबंध में जल्द सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।