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Hathras News: मैदान बदहाली के शिकार, कहीं घास तो कहीं गंदगी का अंबार

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ग्रामीण क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं को स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्राम पंचायतों में बनाए गए खेल मैदान वर्तमान में बदहाली के शिकार हैं। कहीं घास-फूस और कंटीली झाड़ियां उग आईं हैं तो कहीं गंदगी का अंबार लगा है। जिले के कई गांवों में लाखों रुपये की लागत से तैयार किए गए ये मैदान देखरेख के अभाव में जंगल में तब्दील होते जा रहे हैं। किसी भी लिहाज से ये खिलाड़ियों के लिए खेलों का अभ्यास करने लायक नहीं रह गए हैं। इस स्थिति से न केवल खिलाड़ी निराश हैं, बल्कि सरकार की खेलों को प्रोत्साहन देने की नीति की पोल भी खुल रही है।
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केस-01



जैतपुर का मैदान बना कूड़े का ढेर



मुरसान विकास खंड की ग्राम पंचायत जैतपुर में बने खेल मैदान की हालत अत्यंत दयनीय है। मैदान में चारों ओर गंदगी फैली हुई है और नियमित साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। मैदान के चारों ओर सुरक्षा के लिए लगाया गया लोहे का तार जगह-जगह से टूट चुका है। देखरेख के अभाव में मैदान में झाड़ियां उग आईं हैं और यह धीरे-धीरे जंगल का रूप लेता जा रहा है। इन हालात में खिलाड़ी मैदान में अभ्यास करने से कतराने लगे हैं।



केस-02

सिखरा का मैदान वीरान



सहपऊ विकास खंड के गांव सिखरा में भी खेल मैदान बदहाल है। मैदान के चारों ओर कंटीली झाड़ियां उग आई हैं, जिससे इसके अंदर घुसना भी मुश्किल हो गया है। लंबे समय से इस मैदान की साफ-सफाई या संरक्षण नहीं किया गया है। हालात ये हैं कि अब यहां कोई भी खिलाड़ी खेलने नहीं आता। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो यह मैदान पूरी तरह बेकार हो जाएगा।
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केस-03

गढ़ौआ के मैदान में सुविधाओं का अभाव

सासनी ब्लाॅक क्षेत्र के गांव गढ़ौआ स्थित खेल मैदान की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। मैदान में घास-फूस और कंटीली झाड़ियां फैली हुईं हैं, जिससे साफ है कि यहां लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। खिलाड़ियों के बैठने के अलावा यहां पीने के लिए पानी या अन्य कोई भी मूलभूत सुविधा नहीं है। युवा चाहते हुए भी इस मैदान का प्रयोग खेलों के अभ्यास के लिए नहीं कर पाते।





बोले खिलाड़ी
खेल मैदानों की कभी सफाई नहीं होती है। क्रिकेट तक नहीं खेल सकते हैं। मैदान में गड्ढे हो रहे हैं। गड्ढों की वजह कई बार गिर चुके हैं। चहारदीवारी तक नहीं बनवाई गई है।

-हर्ष पाठक निवासी गढ़ौआ




खेल मैदान में घास उग रही है। बैठने वाली सीटें तक टूटी पड़ी हैं। मैदान की सफाई और रखरखाव के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है, जिससे खिलाड़ी निराश हो रहे हैं।

-आकाश निवासी सिखरा


खेल मैदानों की देखरेख का जिम्मा क्षेत्रीय खिलाड़ियों को दिया जाना चाहिए था, जिससे इनकी बेहतर तरीके से देखभाल होती रहती। अब यह प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
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-पीएन दीक्षित, मुख्य विकास अधिकारी।
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