निकाय चुनाव में मनमाफिक टिकट आवंटन न होने के बाद असंतुष्ट चल रहे अनेक नेताओं को मनाने में भाजपा के दिग्गज ऊपरी तौर पर सफल साबित हो रहे हैं। अनेक असंतुष्ट नेताओं को मना लिया गया है। अब उनकी नाराजगी कितनी दूर हुई है ये नतीजों के बाद पता चलेगी। फिलहाल मानने के बाद रूठे नेता प्रत्याशी के लिए काम करने लगे हैं।
बता दें कि टिकट की घोषणा के बाद काफी असंतुष्ट घर बैठ गये थे। उनका कहना था कि उनकी उपेक्षा का खामियाजा पार्टी को चुनाव में उठाना पड़ेगा। भाजपा के प्रत्याशी को चुनाव लड़ा रहे दिग्गजों ने इस बात को अच्छी तरह से समझा तथा रूठों को मनाने के प्रयास चालू हो गये। पहले तो असंतुष्टों ने बात तक नहीं कि लेकिन पिछले दो दिन से रूठे लोग पार्टी प्रत्याशी के साथ कंधे से कंधा मिला कर काम करते नजर आये।
चर्चा थी कि ये लोग पार्टी से दूर रहेंगे तो सपा बसपा को इसका लाभ मिल सकता था। लेकिन पार्टी के लोगों ने हवा का रुख पहचाना तथा उनको मनाना चालू कर दिया। दो दिन से चल रही कवायद का नतीजा रहा कि नब्बे फीसदी रूठे पुन: पार्टी की धारा में आ गये हैं तथा दिन रात संपर्क में लग गये हैं। इस बार हिन्दू तथा मुसलिम वोटों में सेंधमारी करने के लिये कई प्रत्याशी मैदान में हैं। भाजपा का हाल देख पहले तो वे प्रसन्न हुये लेकिन अब उनकी रणनीति बदल रही है।