गंगीरी थाना क्षेत्र के एक गांव से पांच अप्रैल को बहलाकर ले जाई गई किशोरी को तीनों आरोपियों ने पड़ोस के एक गांव में करीब एक माह तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान तीनों उसे पीटते और दुष्कर्म करते रहे। यह बयान किशोरी ने अदालत में दर्ज कराए हैं।
इस किशोरी को उसके गांव के ही तीन युवक बहलाकर अपने साथ ले गए थे। किशोरी के पिता ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध नामजद तहरीर थाने में दी थी, जिसमें दस दिन बाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। 26 अप्रैल की शाम पुलिस को पता चला कि यादव नगर निवासी एक घर में किशोरी है। इस पर पुलिस वहां दबिश देने पहुंची तो पुलिस की ग्रामीणों से कहासुनी भी हुई थी।
इसके बाद उसी रात पुलिस ने गांव नगला सुम्मेर निवासी एक ढाबा संचालक के घर पर दबिश देकर किशोरी को बरामद कर लिया था। वह पिछले दस दिन से उसी ढाबा संचालक के घर पर थी। ढाबा संचालक को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया था, जबकि किशोरी को बहलाकर ले जाने के आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ में नहीं आए हैं।
थाना पुलिस ने किशोरी के अदालत में बयान कराए। थाना पुलिस के अनुसार अदालत में किशोरी ने आरोप लगाया है कि तीनों युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। बयान दर्ज होने के बाद अदालत के आदेश पर किशोरी को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया है।