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खाद के लिए पूरे दिन होती रही मारामारी

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धर्माशाला चौराहा पर सरकारी साधन समिति पर डीएपी लेने के लिए लगी किसानों की भीड़। संवाद - फोटो : SHAPHU
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संवाद न्यूज एजेंसी, सहपऊ-सादाबाद-हाथरस।
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किसानों के सामने खाद का संकट पैदा हो गया है। इस समय डीएपी खाद के लिए मारामारी मची हुई है। सहपऊ क्षेत्र में सोमवार को केवल एक ही सरकारी समिति डीएपी खाद आया। ऐसे में घंटों इंतजार के बाद भी काफी किसानों को खाद नहीं मिला। अन्य कई स्थानों पर भी किसानों को आसानी से खाद नहीं मिला। कुछ स्थानों से किसान खाली हाथ लौट गए। कई इलाकों में किसान खाद की किल्लत से जूझ रहे हैं।
बारिश से पहले ही किसान की खेती काफी प्रभावित हुई है। अब उन्हें समय से खाद नहीं मिल रहा। सहपऊ में फिर खाद के लिए मारामारी रही। सोमवार को केवल एक ही सरकारी साधन समिति पर 360 बोरी डीएपी खाद आया। किसानों सुबह से ही सरकारी साधन समिति पर आना शुरू हो गए। अच्छी धूप निकलने पर वहां काफी संख्या में किसान खाद लेने के लिए आ गए।
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खाद लेने के लिए भीड़ में धक्का-मुक्की होते देखकर देखते समिति सचिव ने उनसे उनके आधार कार्ड की फोटोस्टेट कॉपी ले ली और बारी आने का इंतजार करने को कहा। खाद कम थी और लेने वाले किसान अधिक। ऐसे में किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिला। कुछ किसानों का कहना था कि उनके आधार कार्ड सुबह ही जमा हो गए लेकिन शाम तक उनका नंबर नहीं आया और उनको खाली ही वापस लौटना पड़ रहा है।
- सुबह आकर सचिव को आधार कार्ड की फोटोस्टेट जमा कराई थी। अब सचिव का कहना है कि उसके पास उसके आधार कार्ड फोटो स्टेट ही नहीं हैं। जमा करने में भी धांधली की जा रही है। शाम हो गई है और खाद भी खत्म हो गया है। - त्रिलोकी शर्मा, पीहुरा
- सुबह से शाम हो गई उसका तो नंबर ही नहीं आया। अब पता नहीं खाद मिलेगा अथवा नहीं खेतों की बुवाई कैसे की जाएगी। - सतीश ओझा, सिखरा
- दो कट्टे प्रति किसान को दिए जा रहे है। उनसे काम नहीं चल सकता। हमारा तो नंबर भी नहीं आया है। पता नहीं अब कब नंबर आएगा। - धर्म पाल, बागपुर
- अधिकारियों का कहना है कि जिले में पर्याप्त खाद है, लेकिन यहां तो खाद के लिए मारामारी मची हुई है। क्षेत्र में केवल इसी समिति पर खाद आई है वह भी खत्म सी ही है। - ललिता प्रसाद उपाध्याय, पूर्व सरपंच गुतहरा साधन समिति
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- आलू और गेहूं की फसल की एक साथ बुवाई से यह समस्या पैदा हुई है। वैसे गेहूं की बुवाई 15 नवंबर के बाद होती है। पर्याप्त खाद आ चुका है। और खाद की डिमांड की जा रही है। यह भी एक-दो दिन में आ जाएगा। किसान थोड़ा धैर्य से काम लें। खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। - आरके सिंह, जिला कृषि अधिकारी।
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