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Hathras News: समदपुर में गम व गुस्से में डूबा परिवार, जुटी भीड़

Sat, 07 Feb 2026 02:19 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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पोस्टमार्टम के बाद देर रात सैन्यकर्मी अखिलेश का शव बृहस्पतिवार देर रात गांव आया। यहां शव को देखकर मां बदहवास हो गईं। पत्नी व मां का भी रो-रो कर बुरा हाल था। देर रात ही पिता जम्मू से गांव आए और बेटे की यह हालत देख फफक-फफक कर परिजनों से लिपटकर रोने लगे।
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सुबह गांव में सैकड़ों की संख्या में लोग जमा हो गए। एक तरफ जहां परिवार भावनात्मक रूप से टूटा हुआ था, वहीं दूसरी ओर घटना से आक्रोश भी था। आगरा से आई सेना की बटालियन ने गारद सलामी दी, जिसके बाद गमगीन माहौल में डेढ़ साल के मासूम रुद्र ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। यह देख हर किसी की आंख नम हो गई। बृहस्पतिवार की रात से बेटा मां की गोद में बार-बार पिता को याद कर रहा था, जिस कारण मां और बदहवास हो रही थी।




पिता बोले - हथियार होता तो अकेला लड़ लेता मेरा बेटा

मृतक अखिलेश के पिता देवेंद्र भावुक होते हुए बोले कि उनका बेटा अखिलेश इतना दिलेर था कि अगर उसके हाथ में हथियार होता तो स्थिति अलग होती। फौजी बेटा फुर्तीला था और वह अकेला ही हमलावरों का सामना कर सकता था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। वह विवादों से दूर रहना चाहता था, लेकिन आरोपी ही षड़यंत्र के तहत उसे फंसा रहे थे। जब उससे बात नहीं बनी तो उसे घेरकर मार दिया।
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हत्यारोपियों का हो एनकाउंटर, घरों पर चले बुलडोजर

पिता देवेंद्र व परिवार के अन्य लोगों ने हत्यारोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से अपील की कि आरोपियों का एनकाउंटर हो और उनके घरों पर बुलडोजर चलाया जाए। पिता ने कहा कि बेटे के पढ़-लिखकर नौकरी पर लगना ही इन्हें नागवार गुजरा। इस कारण उस पर मुकदमे लगा दिए। झूठे मुकदमे दर्ज कराए जा रहे थे। 2022 में वह जम्मू कश्मीर में थे, फिर भी झगड़े के मामले में उनका नाम मुकदमे में शामिल करा दिया था।





पूरे गांव में पुलिस फोर्स तैनात

समदपुर निवासी अखिलेश की हत्या के बाद पूरे गांव में तनाव भरी खामोशी पसरी हुई है। पुलिस-प्रशासन द्वारा पूरे गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस नजर बनाए हुए है। शुक्रवार को सीओ अमित पाठक, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक योगेश कुमार ने मृतक के परिजनों से बातचीत की और आवश्यक जानकारी जुटाई। सीओ ने मृतक के पिता देवेंद्र को आश्वस्त किया कि नामजद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।




नामजद आरोपियों के पूरे परिवार गांव से गायब

सैन्यकर्मी अखिलेश की हत्या में जिन आरोपियों को नामजद किया गया है, वे घर से परिवार सहित गायब हैं। यहां तक कि पशु आदि भी घरों पर नहीं हैं। पिता देवेंद्र ने बताया कि आरोपियों के घर खाली हैं। वह पूर्व से बनाए गए प्लान के तहत गायब हो चुके हैं।





असमंजस में रहे बटालियन के अधिकारी

सैन्यकर्मी की मौत की जानकारी पर आगरा से बटालियन के अधिकारी शुक्रवार की सुबह गांव पहुंचे। यहां उन्होंने अखिलेश की मौत के बारे में छानबीन की। गोलियों की संख्या को लेकर संशय उत्पन्न हुआ। काफी देर बाद जब पुलिस व चिकित्सकों से बात की तो साफ हुआ कि चार ही गोलियां लगीं थीं। फिर अखिलेश छुट्टी लेकर आया था या नहीं, इसको लेकर संशय उठा। बाद में साफ हुआ कि छुट्टी ली गई थी। एसपी से भी बात की गई। इस बीच सादाबाद विधायक प्रदीप चौधरी व अन्य लोग पहुंचे तथा अधिकारियों से वार्ता की। सैन्य अधिकारियों के संतुष्ट होने पर सलामी गारद गांव पहुंची, जहां सैन्य सम्मान के साथ अखिलेश का अंतिम संस्कार किया गया।




हमलावरों की दिल्ली व हरियाणा तक तलाश

हमलावरों की तलाश के लिए पांच टीमें गठित की गईं हैं। एसओजी व सर्विलांस टीम भी काम कर रही है। जानकारी के अनुसार हत्यारोपियों की तलाश में टीम दिल्ली, एनसीआर व हरियाणा के कुछ इलाकों को खंगाल रहीं हैं। पुलिस ने साढ़े तीन सौ से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली हैं। इधर, आरोपियों के रिश्तेदारों के यहां भी दबिश दी जा रही है।
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