सहपऊ में दुकान मंे धमाके के बाद बिखरा पड़ा सामान।
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कस्बे के मुख्य बाजार के मध्य रविवार की सुबह दुकान की सफाई करते समय पटाखों में अचानक आग लग गई। पूरा परिसर जोरदार धमाकों से गूंज उठा। हादसे में दुकान की सफाई कर रहा मालिक का बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका इलाज चल रहा है।
कस्बे के मुख्य बाजार में कौशल किशोर वार्ष्णेय पुत्र ओमप्रकाश वार्ष्णेय की पत्तल वालों के नाम से मशहूर दुकान है। दुकान मालिक के यहां नमकीन, गुटखा एवं पान मसाले का थोक व्यापार है।
दीपावली के अवसर पर वह आतिशबाजी भी बाहर से खरीदकर लाकर बेचते हैं। रविवार की सुबह रोजाना की भांति उनका पुत्र पराग (14 वर्ष) दुकान की सफाई कर रहा था।
अचानक उसका पैर फिसल गया और वह दुकान के फर्श पर रखे धरती मार बमों के ऊपर गिर पड़ा। उसके गिरने से अचानक पटाखों में आग लग गई और वह धमाके के साथ फट गए। धमाकों की आवाज पूरे बाजार में सुनाई दी। सभी दुकानदार भागकर दुकान पर पहुंचे और पानी व रेत आदि की मदद से आग पर काबू पाया।
घायल बच्चे को उसके परिजन किसी प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए ले गए। उसके पूरे शरीर में पटाखों से निकली कंकरीट से छेद हो गए हैं। उसका इलाज जारी है।
सहपऊ। कस्बा के मोहल्ला जाटवपुरी में शुक्रवार की दोपहर को आतिशबाजी से एक और दुर्घटना हुई। आतिशबाजी बनाने वाले की छत पर कुछ पटाखे धूप में सूख रहे थे। एक बंदर उनके ऊपर कूद पड़ा। वह पटाखे धमाके के साथ फट गए, जिससे जाटवपुरी के मकानों में लगे शीशे एवं खिड़की हिलने लगीं।
बंदर की भी जान चली गई। गौरतलब है कि क्षेत्र के गांव नगला रायसीना (नगला बबूल) में कई साल पहले एक पटाखों के विस्फोट में एक बच्चे एवं एक युवक की जान जा चुकी है।