शहर के नवीपुर इलाके में गुरुवार की सुबह 33 केवी लाइन के केबल बॉक्स में आग लग गई। इससे केबल बॉक्स तेज धमाके के साथ फट गया, जिससे शहर के आधा दर्जन से अधिक इलाकों की बिजली नौ घंटों तक गुल रही। लोगों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा।
केबल बॉक्स में आग लगने से मोहल्ला दिल्ली वाला, बुर्ज वाला कुआं, घास की मंडी, गली सीकनापान और रुई की मंडी सहित अन्य कई इलाकों की बिजली सुबह नौ बजे से लेकर शाम पांच बजे तक ठप पड़ी रही, जिससे लोगों को घरेलू कार्यों सहित अन्य कामों में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना पर वहां पहुंचे बिजली कर्मियों ने केबल बॉक्स को खोलकर ठीक किया। तब जाकर शाम पांच बजे बाद बिजली सप्लाई सुचारू हो सकी। इलाकाें के लोगों का कहना था कि आए-दिन कभी केबल तो कभी केबल बॉक्स में ही आग लग जाती है। सर्दी शुरू हो चुकी हैं, आने वाले दिनों मेें इस तरह की घटनाओं से बिजली कटौती में भी इजाफा हो जाएगा, जिससे उनकी परेशानी और अधिक बढ़ेगी।
जेई जितेंद्र यादव ने बताया कि केबल बॉक्स को ठीक कराकर सप्लाई सुचारू करा दी गई है।
जबकि विद्युत विभाग और कृषि उत्पादन मंडी समिति प्रशासन द्वारा विद्युत लाइन शिफ्ंिटग के नाम पर सरकारी खजाने को 1.58 लाख का चूना लगाने का मामला सामने आया है। आरटीआई एक्टिविस्ट अजय शर्मा ने सूचना मांगी तो यह मामला सामने आया।
अब दोनों विभाग ही इस मामले से बचने की कोशिश में लगे हैं। आरटीआई में मिली सूचना के मुताबिक मंडी समिति सचिव ने मंडी के गेट संख्या एक के बराबर में सुपर मार्केट की दुकानों का निर्माण कराने के लिए मंडी के अंदर बनी 11,000 वोल्टेज की लाइन को शिफ्ट करने के लिए पत्र लिखा। इसमें उन्होंने कहा कि विद्युत लाइन निर्माण के बीच में आ रही है।
इसके साथ-साथ एक दुकान के अंदर आपके विभाग का एक अतिरिक्त पोल स्थापित है, जिसके कारण निर्माण बाधित हो रहा है। उन्होंने कहा कि विद्युत लाइन के अतिरिक्त विद्युत पोल को हटाया जाए, जिससे निर्बाध रूप से निर्माण हो सके। इस पत्र के जवाब में विद्युत विभाग के अधिकारियों ने मंडी समिति को एक एस्टीमेट भेजा।
इसमें मांग की गई कि मंडी समिति इस विद्युत लाइन व पोल को शिफ्ट करने लिए नियमानुसार 1.58 लाख रुपये जमा किया जाए। बताते हैं कि इसके बाद गुपचुप तरीके से लाइन शिफ्ट करा दी गई और इसके एवज में कोई पैसा इस्टीमेट का जमा नहीं हुआ।
मंडी समिति परिषद को जो एस्टीमेट एचटी लाइन को शिफ्ट करने का मांगा गया था, वह पैसा अभी जमा नहीं हुआ है। लाइन शिफ्ट होने की जानकारी मुझे नहीं है।
- टीपी सिंह, जेई विद्युत विभाग