बीते दिनाें भगवान जगन्नाथ को 108 कलशों से स्नान कराया गया। इसके बाद भगवान को ज्वर हो गया। कई दिनों तक औषधियों के जरिये उपचार किया गया। परंपरा के अनुसार मंगलवार को स्वस्थ होने के बाद भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शहर के गुड़हाई बाजार स्थित दाऊजी मंदिर व कमला बाजार स्थित बड़ी कोठी बिहारी जी मंदिर से धूमधाम से निकाली गई। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर और आरती उतारकर रथ यात्रा का स्वागत किया गया।
मंगलवार की शाम को शहर के गुड़हाई बाजार स्थित दाऊजी मंदिर से पं. रामकुमार शर्मा के नेतृत्व में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा से पूर्व भगवान की आरती उतारी गई। पूजा-अर्चना के साथ रथ यात्रा शहर के कमला बाजार, पंजाबी मार्केट, सासनी गेट, सरक्यूलर रोड आदि स्थानों से होते हुए जैन मंदिर हलवाई खाना पर समाप्त हुई।
बंदरवन कोठी से निकली रथयात्रा मुख्य बाजारों से होते हुए बंदरवन कोठी पर पहुंचकर समाप्त हुई। इस मौके पर रमेशचंद्र, बाबूलाल वर्मा, श्यामलाल, पन्नालाल, यादराम, रवि, विमल प्रकाश, ओमप्रकाश वर्मा, रामभगवान, जगदीश प्रसाद, कैलाश कूलवाल, उमेश वर्मा, प्रकाशचंद्र वर्मा आदि थे। गौरांग प्रेम मंडल के संकीर्तनकारों ने हरिनाम संकीर्तन किया। संवाद