हाथरस। जिले के क्षय रोगियों की चिकित्सा अब और बेहतर तरीके से हो सकेगी। इसके लिए शासन ने जिले में 4 और टीबी ट्रीटमेंट यूनिटों को मंजूरी दे दी है। डीएम से इन यूूनिटों के निर्माण के लिए अनुमोदन भी ले लिया गया है। अब जिले में इन यूनिटों की संख्या कुल सात हो जाएगी।
जिले की लगभग 16 लाख की आबादी के लिए ट्रीटमेंट यूनिटों की काफी समय कमी खल रही थी। जिले में क्षय रोगियों की चिकित्सा के लिए सिर्फ हाथरस, सादाबाद और सिकंदराराऊ में ही तीन ट्रीटमेंट यूनिटें थीं। इससे एक यूनिट पर करीब पांच लाख की आबादी का भार था। इससे इनके रखरखाव में काफी परेशानी आ रही थी, इस समस्या के मद्देनजर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एएस वशिष्ठ ने जिले में ट्रीटमेंट यूनिटों की संख्या बढ़ाए जाने के लिए शासन को पत्र लिखकर मांग की थी, जिसके बाद शासन ने इसी महीने यहां चार और ट्रीटमेंट यूनिटें खोले जाने की मंजूरी दे दी है। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि यह यूनिटें सासनी, मुरसान, सहपऊ और हसायन में बनाई जाएंगी। इन यूनिटों के बन जाने के बाद जिले में ट्रीटमेंट यूनिटों की कुल संख्या सात हो जाएगी, जिससे एक यूनिट पर सिर्फ दो लाख की आबादी का ही भार शेष रह जाएगा और उनके रखरखाव में काफी आसानी रहेगी। मरीजों की मॉनीटरिंग भी ठीक ढंग से हो सकेगी और चार ट्रीटमेंट सुपरवाइजर भी मिल जाएंगे। प्रत्येक यूनिट का अपना एक अलग ड्रग स्टोर भी होगा, जिससे आसानी से जिले से इन यूनिटों को दवाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एएस वशिष्ठ ने बताया कि इन यूनिटों को जनवरी में ही शासन की मंजूरी मिल चुकी है। जिले में वर्तमान में 16 बलगम जांच केंद्र और 310 डॉट सेंटर हैं। इनमें टीबी के मरीजों की जांच की जाती है।