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Hathras News: डेंगू के प्रकोप में कमी तो आई, पर खतरा टला नहीं

Sat, 16 May 2026 02:32 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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प्रतीकात्मक चित्र। - फोटो : Archive
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मौसम में बदलाव और लापरवाही के चलते मच्छर जनित बीमारियों का खतरा एक बार फिर सिर उठाने लगा है। हालांकि राहत की बात यह है कि पिछले कुछ समय में जागरूकता और प्रशासनिक प्रयासों के कारण डेंगू के प्रकोप में आंशिक कमी देखी गई है, लेकिन यह खतरा अभी पूरी तरह से थमा नहीं है।
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आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले दो सालों में जिले में डेंगू के 107 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं, और इस घातक बीमारी के चलते कई लोग अपनी जान भी गंवा चुके हैं। यही वजह है कि इस साल स्वास्थ्य विभाग कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। जिले में 22 इलाकों को हाईरिस्क एरिया के रूप में चिह्नित किया गया है।






इन क्षेत्रों में मलिन बस्तियां, घनी आबादी वाले इलाके और वे जगहें शामिल हैं, जहां जलभराव की समस्या आम है। इन चिह्नित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और मच्छरों के पनपने वाले स्रोतों को नष्ट करने के लिए विशेष टीम लगाई गई हैं। इन सभी स्थानों में एक बार एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा चुका है।
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साल में तीन बार संचारी रोग नियंत्रण अभियान

मच्छर जनित और संक्रामक रोगों पर लगाम लगाने के लिए साल में तीन बार संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान चलाया जाएगा। अप्रैल में यह अभियान चलाया जा चुका है, जिसमें नगर पालिका, पंचायतराज विभाग सहित 11 विभागों का सहयोग लिया गया। पहले अभियान के बाद शहर से लेकर गांव-देहात तक सफाई, जलभराव से मुक्ति आदि में खास बदलाव देखने को नहीं मिले।






मलिन बस्तियों पर मंडरा रहा है सबसे बड़ा खतरा

ग्राउंड जीरो की हकीकत यह है कि आज भी जिले की मलिन बस्तियों और निचले इलाकों में रहने वाली आबादी पर डेंगू का सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इन क्षेत्रों में नियमित सफाई न होना, नालियों का चोक होना और जगह-जगह जलभराव की समस्या मच्छरों (एडिज एजिप्टी) के पनपने के लिए मुफीद माहौल तैयार कर रही है।








जांच लैब की स्थिति
वर्ष सरकारी प्राइवेट

2024 44 41

2025 09 13





जिले में दो वर्षों में मिले डेंगू के मरीज



ब्लॉक 2024 2025

सादाबाद 07 02

सहपऊ 02 00

मुरसान 13 05

हसायन 03 00

सिकंदराराऊ 16 05

सासनी 10 01

हाथरस 34 09



कुल मरीज 85 22





बचाव के तरीके ..



-अपने घरों के आसपास, कूलर, गमले या पुराने टायरों में पानी जमा न होने दें।

-पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।

-तेज बुखार, जोड़ों में दर्द या आंखों के पीछे दर्द होने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच कराएं।








डेंगू का ग्राफ दो सालों में काफी कम हुआ है। स्वास्थ्य विभाग लगातार घर-घर जाकर बुखार के मरीजों की स्क्रीनिंग कर रहा है। जलभराव प्रभावित और हाईरिस्क एरिया में एंटी लार्वा का छिड़काव किया गया है। फॉगिंग और सफाई व्यवस्था के लिए संबंधित विभागों का सहयोग लिया जा रहा है। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
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-डाॅ. राजीव रॉय, सीएमओ
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