अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक में बृहस्पतिवार को सत्संग हादसे में सुनवाई नहीं हो सकी। पिछली सुनवाई पर महिला उप निरीक्षक सुषमा देवी की गवाही हुई थी, जिस पर जिरह होनी थी। हादसे के समय वह महिला थाना में तैनात थीं। सुषमा देवी ने गवाही में बताया था कि वह मंच के सामने बनी रंगोली से लोगों को फूल उठाने से मना कर रही थीं, तभी वह भीड़ में फंस गईं और घायल हो गईं।
उप निरीक्षक की गवाही के बाद आचरण पक्ष के अधिवक्ता को बृहस्पतिवार को जिरह करनी थी, लेकिन इस बार जिरह नहीं हो सकी। इस मामले में 12 मार्च अगली तिथि लगा दी गई है। बता दें कि दो जुलाई 2024 को सिकंददाराऊ क्षेत्र के फुलरई मुगलगढ़ी में भोले बाबा के सत्संग के समापन के बाद भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत हो गई थी और 150 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए थे।
पुलिस ने इस मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ लगभग 3200 पेज का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया है, जिसमें 676 गवाहों के बयान शामिल हैं। सभी आरोपियों पर आरोप तय हो चुके हैं और उन्हें जमानत भी मिल चुकी है।