मेंडू रोड स्थित बाग बैनीराम में ठा. श्रीकृष्ण चंद्र जी महाराज व हनुमान जी महाराज ट्रस्ट के बैनर तले चल रहे 133वें पांच दिवसीय श्रीकृष्ण लीला महोत्सव के अंतर्गत 22 नवंबर को भगवान श्रीकृष्ण व ग्वाल बालों ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर कंस के पुतले का वध किया। इससे पूर्व शहर में धूमधाम के साथ भगवान श्रीकृष्ण की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
श्रीकृष्ण लीला के अंतिम दिन कंस वध लीला का मंचन हुआ। इस मौके पर शहर में भगवान श्रीकृष्ण की शोभायात्रा निकाली गई। इसमें भगवान श्रीकृष्ण व उनके बड़े भाई बल्देव जी एक रथ में विराज में होकर चल रहे थे और बैंड भी शामिल रहा। शोभायात्रा में शामिल वीर व ग्वाल वाल कंस मेरौ मामा, हम श्याम सखा हूर से, का उद्घोष करते हुए चल रहे थे।
शोभायात्रा बाग बैनीराम से प्रारंभ होकर गोशाला रोड, भूरापीर चौराहा, चक्की बाजार, नयागंज, मोती बाजार, लोहट बाजार, रूई की मंडी, नजिहाई बाजार, घंटाघर, हलवाई खाना, गुड़हाई बाजार, कमला बाजार, सासनी गेट चौराहा होते हुए मेंडू रोड स्थित बाग बैनीराम स्थित श्रीकृष्ण चंद्र जी महाराज के भूमि स्थल पर पहुंचकर समाप्त हुई।
इससे पूर्व शोभायात्रा का जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया व भगवान कृष्ण की पूजा-अर्चना कर आरती उतारी। बैनीराम बाग स्थित कंस वध स्थल पर मेला लगा रहा। शोभायात्रा में प्रबंधक तुलसी प्रसाद पोद्दार, तरुण पोद्दार, शशांक पोद्दार, आदित्य पोद्दार, राजेश कुमार गुप्ता, जय भारती, संस्कार वार्ष्णेय, आचार्य उपेंद्रनाथ चतुर्वेदी, सतीशचंद टालीवाल एडवोकेट, योगेश मोहता एडवोकेट, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एडवोकेट, देवेंद्र कुमार गुप्ता, श्रीकृष्ण खेतान आदि थे।