हाथरस। सादाबाद में अंबेडकर शोभायात्रा की झांकी में बसपा सुप्रीमो मायावती के विवादित पोस्टर को लेकर हुआ विवाद अब शांत हो गया है। शोभायात्रा के आयोजकों द्वारा भाजपाइयों को समझौता पत्र सौंपा गया और अपनी गलती मानी। भाजपाइयों ने भी मामले को ज्यादा तूल देने की बजाय समझौता कर लिया।
सेवा भारती के नवल नगर स्थित कार्यालय पर भाजपा ने प्रेस वार्ता रखी। भाजपा की प्रेस वार्ता में 26 अप्रैल को सादाबाद में डॉ. अंबेडकर शोभायात्रा में विवादित पोस्टर के विवाद में घिरे आयोजक बृजमोहन लेखक और ध्रुव सिंह कर्दम भी शामिल हुए। दोनों ने कहा कि हम हिंदू समाज का अभिन्न अंग हैं। अपने सभी देवताओं और समाज के काम करने वाले सभी सामाजिक बंधुओं का सम्मान करते हैं। शोभायात्रा में विवादित झांकी प्रस्तुत करके हिंदू समाज को बांटने का षड्यंत्र रचा गया, उसका हम सब विरोध करते हैं। ऐसे व्यक्ति का बहिष्कार किया जाएगा। भविष्य में ऐसे कृत्य की कभी पुनरावृत्ति नहीं होने देंगे इसका भी हम सभी विश्वास दिलाते हैं। पत्रकार वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह परमार, देवकीनंदन कोरी, डॉ. चंद्रशेखर रावल, सुनीत आर्य, रामवीर सिंह, गौरव आर्य, धीरेंद्र चौहान, कमल कर्दम, राजकुमार शर्मा, अनिल श्रोतिय, रवींद्र ठेनुआ, ब्रजेश चौहान, प्रेमपाल सोलंकी, सुमित शर्मा, प्रबल प्रताप, जीवन, विशाल, सत्यम यादव आदि मौजूद थे।
क्या था विवाद
सादाबाद में पिछले महीने निकली अंबेडकर शोभायात्रा की एक झांकी में बसपा सुप्रीमो मायावती को महाकाली के रूप में दिखाया गया था, जबकि उनके हाथ में संघ और भाजपा नेताओं के कटे हुए सिर दानव के रूप में प्रस्तुत किए गए थे। इस पोस्टर को लेकर काफी बखेड़ा हुआ था। भाजपाइयों ने आयोजक और पोस्टर जारीकर्ता के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था।