बीमा कंपनी को चोरी हुए वाहन की बीमा राशि 3.52 लाख रुपये दो महीने की अवधि में परिवादी को देनी होगी। इसके साथ ही मुकदमे का खर्च तीन हजार रुपये व मानसिक संताप के लिए पांच हजार रुपये भी बीमा कंपनी शिकायतकर्ता को अदा करेगी। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने शिकायत का निस्तारण करते हुए दिया है।
शिकायतकर्ता के अधिवक्ता रामकुमार शर्मा ने बताया कि शहर के इगलास अड्डा स्थित रुक्मिणी नगर निवासी आमिर पुत्र मुन्ना कुरैशी ने आयोग के समक्ष परिवाद दाखिल कर कहा था कि उन्होंने अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए एक गाड़ी ओपन ट्रक टाटा फाइनेंस कराकर सभी औपचारिकताएं पूर्ण करके मोहम्मद नईम पुत्र नईम कुरैशी से खरीदी थी। 28 नवंबर 2019 को गाड़ी को अपने नाम ट्रांसफर कराया था। यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी माइक्रो ऑफिस सादाबाद रोड मथुरा से इस ट्रक का बीमा 4 लाख 40 हजार रुपये कीमत का आकलन करते हुए 22 जून 2021 को कराया था और 39064 रुपये प्रीमियम धनराशि जमा की थी। बीमा अवधि 22 जून 2021 से 21 जून 2022 तक थी।
28 जुलाई 2021 को उनकी गाड़ी रात्रि 9 बजे फाटक के पास इगलास रोड पर लच्छू पान वाले के बराबर रोड के किनारे खड़ी थी। रात्रि 12 बजे से प्रातः 4:30 के मध्य अज्ञात चोर उनकी गाड़ी को चोरी करके ले गए। उन्होंने गाड़ी को चारों तरफ तलाश किया। पूछताछ भी की, लेकिन कोई जानकारी न मिलने पर सुबह करीब 6:30 बजे 112 नंबर पर कॉल करके वाहन चोरी की सूचना दी। इस मामले में थाना हाथरस गेट में मुकदमा दर्ज हुआ। वाहन चोरी होने की सूचना 29 जुलाई 2021 को बीमा कंपनी को दी। भुगतान न होने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के समक्ष परिवाद दाखिल किया। इस मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष राकेश कुमार सदस्य कृष्ण प्रभाकर उपाध्याय व रंजना गोयल के समक्ष हुई। आयोग ने आदेश दिया है कि बीमा कंपनी इस आदेश के दो माह की अवधि में शिकायतकर्ता को चोरी हुए वाहन की बीमा धनराशि 4.40 लाख में से 20 फीसदी 88000 की मूल्य में गिरावट आंकते हुए 3,52,000 रुपये अदा करेगी।