हाथरस में सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। कुछ समय के लिए सूर्य निकला और फिर कोहरे में छिप गया। कोहरे से वाहनों की रफ्तार तक थम गई, सड़कों पर वाहन रेंग-रेंग कर चलते नजर आए। पूरे दिन लोग हीटर और अलाव के सहारे सर्दी से मुकाबला करते नजर आए।
पूरा जिला घने कोहरे की चादर से ढंका रहा। कोहरे का असर सड़क यातायात के साथ लोगों की दिनचर्या पर भी पड़ा। लोगों की दिनचर्या आम दिनों के मुकाबले देरी से शुरू हो पाई। पूरे दिन सड़कों पर वाहन हेडलाइट जलाकर रेंग-रेंगकर आगे बढ़ते नजर आए।
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ठंड और कोहरे से आम आदमी से लेकर पशु-पक्षियों का हाल बेहाल रहा। पूरे दिन ठंड से बचने के लिए लोग अलाव व हीटर पर तापते रहे। शहर में कई स्थानों पर अलाव न जलने की वजह से लोग परेशान रहे। अधितकतम तापमान 22 डिग्री व न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
27 दिसंबर को सुबह से ही सर्दी के तेवर तल्ख नजर आए। दोपहर तक कोहरा छाया रहा। दोपहर बाद जरूर कुछ घंटे के लिए मौसम साफ हुआ, लेकिन शाम होते-होते एक बार फिर कोहरा नीचे उतर आया। इस कारण वाहन स्वामियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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वाहनों की रफ्तार थम गई और वाहन रेंग-रेंगकर चले। पूरे दिन लोग हीटर और अलाव के सहारे सर्दी से मुकाबला करते नजर आए। दोपहर में हल्की धूप निकलने के बाद भी लोगों को ठंड से कोई राहत नहीं मिली। शाम होने के साथ ही ठंड का प्रकोप और बढ़ गया। बाजार आम दिनों की अपेक्षा जल्दी बंद हो गए और सड़कों पर सन्नाटा पसर गया।