व्यापारी द्वारा लिखा गया पत्र, जिसमें आपबीती बताई थी। संवाद
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व्यापारी ने मौत को गले लगाने से करीब एक महीने पहले ही अशोक स्टेशनरी मार्ट के लेटरहेड पर एक पत्र लिखा था। इसमें व्यापारी ने अपनी पूरी आपबीती बयां करते हुए कुछ स्थानीय हुंडी कारोबारियों और कर्जदाताओं पर गंभीर प्रताड़ना और परिवार को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
अशोक कुमार गुप्ता ने पत्र में कहा था कि उन्होंने व्यापार और अन्य जरूरतों के लिए कुछ स्थानीय हुंडी और पर्ची वाले लोगों से रुपये लिए थे, लेकिन इन लोगों ने अत्यधिक ब्याज लगाई, जिससे मूल धन व ब्याज की रकम इतनी बढ़ गई कि वह बर्बाद हो गए और रकम चुकाने में असमर्थ हो गए।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि कर्जदाता उन पर लगातार मानसिक दबाव बना रहे थे और उनके पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी दे रहे थे, जिसकी जानकारी उनके परिवार को नहीं थी।
व्यापारी ने पत्र के अंत में लिखा है कि उनके जाने या इस कदम के पीछे उनके परिवार का कोई लेना-देना या गलती नहीं है। यह सब बाजार के दबाव और कर्जदाताओं के खौफ के कारण हुआ है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई थी कि उनके जाने के बाद उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए तथा पत्र के नीचे हस्ताक्षर भी किए थे।
तहरीर में दिए 14 नाम
आशीष की ओर से कोतवाली में दी गई तहरीर में 14 नाम दिए हैं, जिनको पिता की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। इनमें से कुछ परिवार के लोग भी बताए जा रहे हैं। अशोक गुप्ता के लेटर में दिए गए सभी सात नाम शामिल किए गए हैं। पुलिस फिलहाल जांच में जुटी है।