ईद पर वक्फ संशोधन बिल का विरोध करने के लिए नमाजी ईदगाह पर हाथ में काली पट्टी बांधकर पहुंचे। मुस्लिम इंतजामिया कमेटी के पदाधिकारियों ने उन्हें रोका और काली पट्टी उतरवा कर ईदगाह में नमाज पढ़ने के लिए जाने दिया।
ईद पर नमाज अदा करने गए नमाजियों से मुस्लिम इंतजामिया कमेटी के पदाधिकारियों ने काली पट्टी का उतरवाया। बिना पट्टी उतारे ईदगाह में अंदर नहीं जाने दिया। जिसे लेकर चर्चा बनी रही।
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जुमा अलविदा की तरह ईद पर भी मुस्लिम समाज के कुछ लोग वक्फ संशोधन बिल का विरोध करने के लिए भुजाओं पर काली पट्टी बांधकर नमाज अदा करने ईदगाह पर पहुंचे। जैसे ही मुस्लिम इंतजामिया कमेटी के पदाधिकारियों की नजर इन पर पड़ी तो उन्होंने इन लोगों को ईदगाह के बाहर ही रोक लिया और शांति व्यवस्था की दुहाई देते हुए काली पट्टी उतारकर ही ईदगाह के अंदर जाने की गुजारिश की। इस तरह इंतजामिया कमेटी ने किसी भी नमाजी को काली पट्टी बांधकर ईदगाह के अंदर दाखिल नहीं होने दिया।
दरअसल, कमेटी के लोग नहीं चाहते थे कि ईद जैसे खास मौके पर किसी तरह का सियासी विवाद खड़ा हो। उन्होंने काली पट्टी बांधकर आने वालों से साफ कहा कि त्योहार को शांति से मनाइए और शांति से नमाज अदा कीजिए। सियासी बातें बाद में भी हो सकती हैं। उनकी गुजारिश को इन लोगों ने मान लिया और काली पट्टी ईदगाह के बाहर ही उतार दीं। इसे लेकर ईदगाह पर चर्चाएं भी रहीं।