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Hathras News: पुरातत्व विभाग बता रहा अतिक्रमणकारी, पालिका उनकी सुविधा के लिए बनवा रही सड़क और नाली

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पुरातत्व विभाग के संर​क्षित किला परिसर में फैला अतिक्रमण। वीडियोग्रैब - फोटो : Samvad
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पुरातत्व विभाग राजा दयाराम किला परिसर में बने जिन मकानों को अवैध बता रहा है, उनमें रहने वालों की सुविधा के लिए पालिका सड़क और नाली का निर्माण शुरू करा दिया। मंगलवार को पुरातत्व विभाग ने इस निर्माण को रुकवा दिया। साथ ही पालिका के निर्माण खंड के जेई को नोटिस देने की तैयारी की जा रही है।
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इससे लेकर पुरातत्व विभाग और नगर पालिका प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनती जा रही है। बिजली विभाग पहले ही उन्हें कनेक्शन दे चुका है। पुरातत्व विभाग अधिकारियों का कहना है कि अब नगर पालिका प्रशासन ने वहां सड़क और नाली का निर्माण शुरू करा दिया है, इससे परोक्ष रूप से अतिक्रमण करने वालों को लाभ मिलेगा और अपने कब्जों को वैधता मिलेगी।




पुरातत्व विभाग के अनुसार अब तक करीब 125 अतिक्रमणकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस को पत्र भेजे हैं, जिनमें 25 मामलों में चार्जशीट होने के बाद मुकदमे चल रहे हैं। इसके बाद भी पालिका प्रशासन ने पुरातत्व विभाग से बिना स्वीकृति लिए 90 मीटर सड़क व 110 मीटर नाली निर्माण कराने का काम शुरू करा दिया। कानूनी कार्रवाई के बावजूद यदि स्थानीय स्तर पर सुविधाएं दी जाती रहीं, तो अतिक्रमण और बढ़ेगा।
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पूर्व में भी पालिका को भेजे गए हैं नोटिस

हाथरस। पुरातत्व विभाग ने 10 अक्तूबर को अधिशासी अधिकारी नगर पालिका हाथरस को नोटिस जारी किया था, साथ ही 29 अक्तूबर को कोतवाली सदर को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भी पत्र लिखा। इससे पहले भी नोटिस दिए गए, रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पत्र लिखे गए।




पुरातत्व विभाग का कहना है कि यह क्षेत्र संरक्षित किला खाई के अंतर्गत आता है, जहां किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद यहां करीब 450 मकान अवैध रूप से बन चुके हैं।



विभाग ने नगर पालिका प्रशासन को कई बार नोटिस भेजकर निर्माण और जनसुविधाएं देने पर रोक लगाने के लिए कहा है, लेकिन इसके बाद भी लगातार निर्माण कार्यों के प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पास किए जा रहे हैं और निर्माण कार्य भी कराए जा रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि संरक्षित भूमि पर विकास कार्य नहीं रोके गए, तो उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा।




अतिक्रमण हटाने के लिए डीएम ने किया था निरीक्षण।
कुछ दिन पहले किला क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के लिए डीएम और एसपी ने निरीक्षण किया था। ड्रोन की मदद से पूरे क्षेत्र का हाल जाना था, जिससे अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई की जा सके। ऐसे में यहां निर्माण से पालिका व प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।






संरक्षित क्षेत्र में निर्माण कार्यों को रोके जाने के लिए लगातार नोटिस जारी किए जा रहे हैं। बिना स्वीकृति के पालिका द्वारा बनवाई जा रही सीसी सड़क व नाली का निर्माण रुकवाया गया है। पालिका अधिकारियों से बात की गई है, साथ ही उच्चाधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी गई है। जेई व अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। नितिन राहुल प्रिय, क्षेत्राधिकारी, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, उपमंडल-मथुरा।






निर्माण को लेकर शिकायतें आ रही हैं, अगर सड़क निर्माण हो रहा है तो वह आबादी में हो रहा होगा। इसे लेकर अभी हमें कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। दिखवा लेते हैं कि क्या मामला है।,,,,,,,,रोहित सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, हाथरस।




-मामला गम्भीर है, इसकी समीक्षा की जाएगी। प्राप्त प्रार्थना पत्रों के संबंध में विधिक कार्रवाई की जाएगी।चिरंजीवनाथ सिन्हा, पुलिस अधीक्षक




-पुरातत्व विभाग की ओर संरक्षित क्षेत्र में बिना अनुमति के अब कोई भी कार्य नहीं कराया जा रहा है। जिस जगह पर अतिक्रमण हैं, वहां पूर्व में जो कनेक्शन दिए गए वही हैं। अब यहां कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं और न ही यहां किसी प्रकार का कार्य बिजली विभाग द्वारा किया जा रहा है।संदीप कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत शहर
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