भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए एंटी करप्शन टीम अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। मंगलवार को टीम जिला अस्पताल, जिला विद्यालय निरीक्षक व बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में पहुंची और वहां मौजूद लोगों को रिश्वतखोरों से बचने के लिए जागरूक किया। टीम ने अपना संपर्क नंबर भी उपलब्ध कराया। साथ ही बताया कि उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
पुलिस लाइंस में भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) की चौकी स्थापित हो चुकी है। प्रदेश के सभी 18 मंडलों में थानों की स्थापना हुई है और संबंधित जिलों में चौकियां बनाई गईं हैं। सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार की जड़ें समाप्त करने के लिए इन चौकियों की स्थापना हुई है, जिससे टीम जनता से जुड़ी रहे तथा उनमें भरोसा उत्पन्न कर सके।
यहां तैनात चौकी प्रभारी एसआई दिनेश कुमार साहनी ने बताया कि टीम का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि सरकारी विभागों में पारदर्शिता लाकर लोगों को भ्रष्टाचार के विरुद्ध जागरूक करना भी है। इस क्रम में टीम मंगलवार को जिला अस्पताल परिसर में पहुंची। सिविल ड्रेस में होने के कारण कर्मचारियों को भनक तक नहीं लगी।
टीम ने यहां आने वाले तीमारदारों से बात की। मिलने वाली सुविधाएं की जानकारी ली, साथ ही रिश्वत मांगने की स्थिति में शिकायत करने के लिए प्रोत्साहित किया। काफी देर तक टीम यहां मौजूद रही। एंटी करप्शन टीम के आने की भनक लगते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। यही स्थिति डीआईओएस व बीएसए कार्यालय में रही। यहां लोगों को शिकायत करने की विधि समझाई गई और जागरूकता परक पर्चे चस्पा किए गए।
एक दरोगा पर हो चुकी है कार्रवाई
31 मई 2025 को भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने आगरा रोड पुलिस चौकी प्रभारी अनिल शर्मा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। एंटी करप्शन के अलीगढ़ स्थित थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। उन पर अहियापुर निवासी साहब सिंह से मारपीट के मामले में रिश्वत मांगने का आरोप था। साहब सिंह की शिकायत पर पुलिस हरकत में आई थी।