जिले में खाकी पर रिश्वतखोरी का दाग लगने का यह कोई पहला मामला नहीं है। एक साल पहले भी शहर की ही एक पुलिस चौकी के प्रभारी को भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
31 मई 2025 को भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने आगरा रोड चौकी प्रभारी अनिल शर्मा को 10,000 की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। उन्होंने भी झगड़े की एक शिकायत पर कार्रवाई करने की एवज में अईयापुर कलां के रहने वाले साहब सिंह से रिश्वत मांगी थी। अब कचौरी चौकी प्रभारी कार्रवाई के नाम पर 10000 रुपये की रिश्वत लेते धरे गए।
दोनों घटनाओं से साफ हो रहा है कि पुलिस के पास पहुंचने वाले पीड़ितों से कार्रवाई के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही है और इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। यह दो तो वह मामले हैं, जिनमें पीड़ित भ्रष्टाचार निवारण संगठन के पास पहुंचे। इस तरह की शिकायतों के तमाम मामले अधिकारियों के पास भी पहुंच रहे हैं।
जिले में पिछले दो साल के भीतर भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी रही हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस अवधि में नौ सरकारी कर्मचारी व अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जा चुके हैं। इनमें बिजली विभाग के लिपिक, सिंचाई विभाग के सींच पर्यवेक्षक, तहसील के राजस्व निरीक्षक, बीएसए व सीएमओ कार्यालय के बाबू और नगर पालिका के कर्मचारी तक शामिल हैं।