बारिश के लिए खेत में तप पर बैठे आचार्य
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प्रचंड गर्मी के सितम से 13 जून को भी लोगों को कोई राहत नहीं मिली। हालांकि अधिकतम तापमान में 12 जून के मुकाबले एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, फिर भी सूरज की तपिश पूरे दिन बदन झुलसाती रही।
दोपहर के वक्त बादलों की चहलकदमी से इसमें थोड़ी नरमी आई, लेकिन उमस ने पीछा नहीं छोड़ा। लोग पसीना-पसीना होते रहे। 13 जून को अधिकतम तापमान 41 व न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि 12 जून को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
13 जून को सुबह से ही सूरज की तपिश तपाती रही। दोपहर के समय गर्म हवाओं की मार सताती रही। लोग सड़कों पर निकलने से कतराते रहे। सड़कें पूरी दोपहर सन्नाटे में डूबी रहीं। दुकानदार भी हाथ पर हाथ रखकर बैठे रहे। पंखे गर्म हवा फेंक रहे थे। लिहाजा लोग कूलर और एसी के सामने से हटने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
जो लोग घरों से बाहर निकले, वह भी टोपी, चश्मा और गमछा साथ लेकर निकले। महिलाएं और युवतियां अपने चेहरे को दुपट्टा से बांधकर और छाता लेकर बाजारों में निकलीं। गर्मी से राहत पाने के लिए पूरे दिन लोग कोल्ड ड्रिंक, नींबू पानी, जूस व ठंडे पानी का सेवन करते रहे। आपदा प्रबंधन विभाग के समन्वयक लेखराज ने बताया कि मौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक अभी कुछ दिनों तक गर्मी से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। दो दिन बाद बारिश होने की उम्मीद है।