सतेंद्र को बुखार आया था। उसे गांव के एक अप्रशिक्षित चिकित्सक के पास ले गए। आरोप है कि उसने किशोर को ठीक करने की गारंटी ली और बिना किसी उचित जांच के इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगाने के लगभग एक घंटे बाद सतेंद्र बेहोश हो गया।
मुरसान क्षेत्र के गांव कोटा में एक अप्रशिक्षित चिकित्सक के इलाज के दौरान किशोर सतेंद्र कुशवाहा (15) की मौत हो गई। परिजनों ने अप्रशिक्षित चिकित्सक पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
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पीड़ित पिता राजकुमार निवासी कोटा मुरसान का कहना है कि उनके पुत्र सतेंद्र को बुखार आया था। उसे गांव के एक अप्रशिक्षित चिकित्सक के पास ले गए। आरोप है कि उसने किशोर को ठीक करने की गारंटी ली और बिना किसी उचित जांच के इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगाने के लगभग एक घंटे बाद सतेंद्र बेहोश हो गया। उसकी हालत बिगड़ते देख अप्रशिक्षित चिकित्सक मौके से भाग गया। परिजनों ने आननफानन सतेंद्र को हाथरस के निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने सतेंद्र को मृत घोषित कर दिया।
किशोर की मौत के बाद परिजनों ने अप्रशिक्षित चिकित्सक की दुकान पर हंगामा किया। बताया गया है कि अप्रशिक्षित चिकित्सक गांव कोटा में अपने रिश्तेदार के यहां बैठता था। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अप्रशिक्षित चिकित्सक खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मुरसान कोतवाली प्रभारी वीरेंद्र प्रताप गिरी का कहना है कि सूचना पर मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, तहरीर आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।