जिले में टीबी रोगियों की संख्या साल-दर-साल बढ़ रही है। जांचों की संख्या बढ़ने से टीबी के अधिक मरीज सामने आ रहे हैं। जिले में वर्ष 2022 में 3749, 2023 में 4534, 2024 में 5080 मिले, जबकि 2025 में अब तक 2066 टीबी के मरीज सामने आ चुके हैं। साल के आखिर तक यह आंकड़ा बढ़ सकता है।
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिले में कुल-17 बलगम जांच केंद्र शुरू किए गए हैं। यह केंद्र एमडीटीबी जिला क्षय चिकित्सालय, मधुगढ़ी, सासनी, महौ, लाड़पुर, हाथरस जंक्शन, सादाबाद, बिसावर, सहपऊ, आरती, मुरसान, सिकंदराराऊ, हसायन, पोरा, मऊ चिरायल, नगला वीर सहाय और महमूदपुर स्वास्थ्य केंद्रों पर स्थापित हैं।
सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि इसके अतिरिक्त दो सीबी नाॅट जिला क्षय रोग केंद्र, आठ ट्रूनॉट एमडीटीबी अस्पताल, सासनी, महौ, सादाबाद, सहपऊ, मुरसान, सिकंदराऊ और हसायन में स्थापित हैं। इसके साथ नौ एक्स-रे साइट बागला जिला चिकित्सालय, सासनी, महौ, सादाबाद, सहपऊ, मुरसान, सिकंदराराऊ, हसायन में स्थापित हैं।
इन सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी के सभी संभावित रोगियों की निशुल्क जांच कर उन्हें निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाता है। पिछले तीन वर्षाें में शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य का औसत 102 प्रतिशत रहा है। इसके साथ ही वर्ष 2022 में कुल 3401 (91 प्रतिशत), वर्ष 2023 में कुल 4187 (92 प्रतिशत) और वर्ष 2024 में कुल 3876 (76 प्रतिशत) उपचार की सफलता दर प्राप्त की गई है। वर्ष 2024 के कुल 914 क्षय रोगी अभी उपचार प्राप्त कर रहे हैं, जिनकी उपचार सफलता दर अभी आनी बाकी है।
सीएमओ ने बताया कि वर्ष 2024 में शासन के निर्देश पर जिले में सात दिसंबर 2024 से 100 दिवसीय सघन टीबी उन्मूलन अभियान चलाया गया। इसके तहत जिले की कुल 400953 चिह्नित उच्च जोखिम जनसंख्या की स्क्रीनिंग कराई गई। जांच के बाद अभियान में कुल 2344 क्षय रोगियों को चिह्नित कर उनका उपचार शुरू किया जा चुका है।
इसके अलावा निःक्षय पोषण योजना के तहत वर्ष 2022, 2023, 2024 एवं 2025 में क्रमशः 2857, 3962, 4659 एवं 1021 क्षय रोगियों के खाते में अब तक कुल 4.13 करोड़ की धनराशि का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जा चुका है। कुल 462 में से वर्ष 2023 में नौ और वर्ष 2024 में 70 ग्राम पंचायतों को डीएम के माध्यम से टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है।