परिसीमन के बाद करीब 25 हजार नए घर नगर पालिका क्षेत्र में शामिल हुए हैं। इन नए घरों से कर वसूली के लिए मकानों के क्षेत्रफल और इमारतों की स्थिति आदि बिंदुओं पर सर्वे किया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर ही इन पर कर का निर्धारण किया जाएगा। नामित कंपनी को सर्वे पूरा किए जाने के लिए छह माह का समय दिया गया था, लेकिन तीन माह बीतने के बाद भी प्रगति 20 फीसदी भी नहीं है।
गंदगी व जलभराव बना सर्वे में रुकावट
सर्वे में देरी का मुख्य कारण परिसीमन वाले क्षेत्रों में गंदगी और जलभराव की समस्या होना भी है। सर्वे करने वाले कुछ लोगों की मानें तो बारिश के दिनों में इन क्षेत्रों में जलभराव व गंदगी जैसी समस्याओं ने विकराल रूप धारण कर रखा है। ऐसे में इन क्षेत्रों में सर्वे करने जाने पर उन्हें लोगों के विरोध का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सोच-समझकर सर्वे के लिए क्षेत्र का चुनाव किया जा रहा है, जिससे सर्वे के दौरान किसी तरह के विवाद की स्थिति पैदा न हो।
दयानतपुर से शुरू किया सर्वे
गांव दयानतपुर का कुछ हिस्सा अब नगर पालिका क्षेत्र में हे। सर्वे टीम ने दयानतपुर से सर्वे का काम शुरू किया है। वर्तमान में वार्ड संख्या 09, 11 और 18 में सर्वे का काम चल रहा है। बता दें कि अलीगढ़-आगरा मार्ग पर दयानतपुर से मीतई, मथुरा-बरेली मार्ग पर सोखना से हतीसा तक के गोलाकार क्षेत्र में सर्वे कराया जाना है।
शासन का पहले नगर निकाय क्षेत्र में कर वसूली किए जाने पर अधिक ध्यान नहीं था, लेकिन पिछले वित्तीय वर्ष में नगर निकायों में अनिवार्य रूप से कर वसूली किए जाने के आदेश दिए गए हैं। कर वसूली के आधार पर ही वित्तीय अनुदान दिए जाने की व्यवस्था की गई है, जबकि कर वसूली न करने वाली निकायों के वित्तीय अनुदान पर रोक लगाना शुरू किया गया है। एक अप्रैल से पुराने करदाताओं के बकाये पर ब्याज लगाए जाने का प्रावधान भी शुरू कर दिया गया है।
परिसीमन पर एक नजर
- 35 कुल वार्ड हैं अब नगर पालिका क्षेत्र में।
- 30 गांव नए जोड़े गए हैं परिसीमन के तहत।
- 25 हजार नए घर जोड़े गए हैं नगर पालिका क्षेत्र में।
- 45 हजार कुल घर हैं अब नगर पालिका क्षेत्र में।