मौसम में लगातार हो रहे बदलाव और भीषण गर्मी के बीच जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ओपीडी में पहुंच रहे अधिकांश मरीज तेज बुखार, बदन दर्द, कमजोरी और चलने-फिरने में परेशानी जैसी शिकायतें लेकर आ रहे हैं। ये लक्षण पहली नजर में टाइफाइड या मलेरिया जैसे प्रतीत होते हैं, लेकिन खून की जांच में रिपोर्ट सामान्य आने से मरीजों और परिजनों की चिंता बढ़ रही है।
चिकित्सकों के अनुसार इस समय लोग वायरल की चपेट में आ रहे हैं, जिसके लक्षण टाइफाइड और मलेरिया से काफी मिलते-जुलते हैं। जिला अस्पताल में इन दिनों ओपीडी और मेडिसिन वार्ड के बाहर मरीजों की भीड़ लगी हुई है। कई मरीजों का कहना है कि उन्हें तेज बुखार के साथ असहनीय बदन दर्द और अत्यधिक कमजोरी महसूस हो रही है। कुछ मरीजों को जोड़ों में दर्द और थकान की भी शिकायत है, जिससे उन्हें सामान्य रूप से चलने-फिरने में भी परेशानी हो रही है।
मई में 62 और जून में अब तक 28 टाइफाइड मरीज :
अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार मई में टाइफाइड के 62 मरीज सामने आए थे, जबकि जून में अब तक 28 मरीजों में टाइफाइड की पुष्टि हो चुकी है। चिकित्सकों का कहना है कि दूषित पानी और खानपान में लापरवाही के कारण टाइफाइड के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हालांकि बड़ी संख्या में ऐसे मरीज भी हैं, जिनमें टाइफाइड जैसे लक्षण हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट सामान्य आ रही है।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अवधेश कुमार ने बताया कि इस समय वायरल संक्रमण फैल रहा है। इसके लक्षण टाइफाइड और मलेरिया से काफी हद तक मेल खाते हैं। शुरुआती जांच में मलेरिया के परजीवी या टाइफाइड के बैक्टीरिया नहीं मिलते, इसलिए रिपोर्ट सामान्य दिखाई देती है। उन्होंने लोगों से बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं लेने से बचने और डॉक्टर के परामर्श के अनुसार ही उपचार कराने की अपील की।
बचाव के लिए बरतें सावधानी :
- उबालकर पानी पिएं
- बासी और खुले में रखे भोजन से परहेज करें
- मच्छरों से बचाव के लिए फुल आस्तीन के कपड़े पहनें।
- घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
- बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
- मेडिकल स्टोर से स्वयं दवा लेकर उपचार शुरू न करें।