अधिशासी अभियंता कार्यालय सिंचाई खंड से सिकंदराराऊ के सींच पर्यवेक्षक दिनेश कुमार को छह हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। अब एंटी करप्शन ब्यूरो की रिपोर्ट आने का इंतजार है, उसके बाद विभाग आरोपी को निलंबित कर सकता है।
भ्रष्टाचार निवारण सेल की अलीगढ़ यूनिट द्वारा 14 मार्च को छह हजार रुपये की रिश्वत लेते सींच पर्यवेक्षक को गिरफ्तार किए जाने के मामले में अधीक्षण अभियंता ने अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड फिरोजाबाद से आख्या मांगी है। इसके आधार पर गिरफ्तार किए गए आरोपी के निलंबन की कार्रवाई होगी। दूसरे नामजद उप राजस्व अधिकारी पर भी भ्रष्टाचार निवारण सेल की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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अभी सिंचाई विभाग को सेल की रिपोर्ट आने का इंतजार है। उल्लेखनीय है कि भ्रष्टाचार निवारण सेल की अलीगढ़ यूनिट ने अलीगढ़ रोड स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय सिंचाई खंड से सिकंदराराऊ के सींच पर्यवेक्षक दिनेश कुमार को छह हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इस मामले में फिरोजाबाद के उप राजस्व अधिकारी सिंचाई विभाग आशुतोष वार्ष्णेय को भी आरोपी बनाया गया है। आरोप था कि फिरोजाबाद के उप राजस्व अधिकारी आशुतोष वादों की सुनवाई कर रहे थे। उनके अधीन सींच पर्यवेक्षक व कार्यवाहक जिलेदार दिनेश कुमार सिंह हसायन के एक किसान से वाद का निपटारा करने के लिए छह जार रुपये मांग रहा था। टीम ने रंगे हाथ छह हजार रुपये लेते हुए दिनेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
टीम देर रात आरोपी को मेरठ स्थित एंटी करप्शन न्यायालय में पेश करने के लिए ले गई। फिलहाल इस मामले में अधीक्षण अभियंता अलीगढ़ ने अधिशासी अभियंता फिरोजाबाद राम गोपाल से आख्या मांगी है। अधिशासी अभियंता रामगोपाल ने बताया कि आख्या भेज दी गई है। अलीगढ़ कार्यालय स्तर से ही निलंबन की कार्रवाई होगी। नामजद आरोपी आशुतोष वार्ष्णेय पर एंटी करप्शन की आख्या के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।