प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पक्के मकान का इंतजार कर रहे जिले के हजारों गरीब परिवारों के लिए राहत की उम्मीद बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कराए गए सर्वे में 7,004 ऐसे परिवार चिह्नित किए गए हैं, जिनके पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है। अब जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) इन परिवारों का भौतिक सत्यापन करा रहा है।
सर्वे के बाद शुरू हुई सत्यापन प्रक्रिया में अधिकारी मौके पर पहुंचकर लाभार्थियों की वास्तविक स्थिति की जांच कर रहे हैं। जांच के दौरान पात्रता की पुष्टि की जाएगी, जबकि अपात्र पाए जाने वाले आवेदकों के नाम सूची से हटा दिए जाएंगे। इसके बाद पात्र परिवारों की अंतिम सूची तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।
अंतिम सूची जारी होने के बाद पात्र परिवारों को योजना के तहत आवास आवंटित किए जाएंगे। फिलहाल जिले के हजारों परिवारों की निगाहें सत्यापन प्रक्रिया पर टिकी हैं, क्योंकि इसी के आधार पर तय होगा कि उन्हें पक्के मकान का लाभ मिलेगा या नहीं।
परियोजना निदेशक ने बताया कि सत्यापन पूरी पारदर्शिता के साथ कराया जा रहा है। जो परिवार योजना की सभी शर्तों पर पात्र पाए जाएंगे, उन्हें नियमानुसार आवास का लाभ दिया जाएगा। सत्यापन पूरा होते ही अंतिम सूची शासन को भेज दी जाएगी, जिसके बाद आवास स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू होगी। संवाद