हाथरस शहर के मिश्रित आबादी वाले इलाके लाला का नगला और नाई का नगला में पुलिस फोर्स के साथ फ्लीग मार?
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निगरानी: चार सेक्टर में बांटा शहर, मुस्तैद रहा पुलिस-प्रशासन
अयोध्या फैसले को लेकर प्रशासन ने बना रखी थी पहले से ही योजना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या फैसले को लेकर जिला प्रशासन ने पहले सही एक फूलप्रूफ प्लान तैयार कर रखा था। इसके तहत शहर को चार सेक्टरों में बांट दिया था। वहीं पुरदिलनगर, सिकंदराराऊ, लाला का नगला सहित मिश्रित आबादी वाले इलाकों विशेष निगरानी में रखा गया था। इन इलाकों में सुबह से पुलिस फोर्स ने अपना मोर्चा संभाल लिया था। डीएम और एसपी सभी इलाकों की स्थिति का जायजा फोन और वायरलेस के माध्यम से लेते रहे। शहर भर में पुलिस फोर्स व प्रशासनिक अधिकारी पैदल मार्च करते रहे।
जिले में अयोध्या फैसले को लेकर शासन स्तर से निर्देशों के क्रम में डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार और एसपी सिद्धार्थ शंकर मीणा ने शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधीनस्थों के साथ एक माइक्रो प्लान बनाया था। इस माइक्रो प्लान में शहर को चार सेक्टरों में बांटा। इन सेक्टरों की निगरानी के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई। वहीं शहर में शांति व्यवस्था की कमान के लिए एडीएम जगदंबा प्रसाद सिंह को सुपर जोनल मजिस्ट्रेट नामित किया।
पुरदिलनगर, सिकंदराराऊ और लाला का नगला सहित मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में भी विशेष सतर्कता बरती गई। इन इलाकों में शुक्रवार की शाम से ही फोर्स तैनात कर दी गई। संदिग्धों पर निगरानी रखी गई। अधिकारी समय-समय पर एक दूसरे से वायरलेस और फोन के माध्यम से स्थिति का जायजा लेते रहे। फैसले के बाद मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने पैदल मार्च किया।